उन्नाव। सहकारिता विभाग की ओर से 13 खाद गोदामों के निर्माण में शुरुआती चरण में ही घालमेल उजागर हो गया। दो चहेती फर्मों को 2.34 करोड़ के टेंडर दे दिए गए। हैरानी की बात यह है कि खाद और बीज की व्यवस्था देखने वाले इस विभाग ने नियमों की अनदेखी करके तकनीकी निर्माण इकाई के बजाए खुद ही निर्माण कार्य कराने का फैसला लिया। आईजीआरएस पर हुई शिकायत के बाद डीएम ने जांच और कार्रवाई की बात कही है।
सहकारिता विभाग ने एकीकृत सहकारी विकास परियोजना (आईसीडीपी) के तहत खाद के सुरक्षित भंडारण के लिए 13 गोदाम बनाने के लिए 2.34 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे। विभाग ने उप्र सहकारी विधायन एवं शीतगृह संघ लिमिटेड (पैक्सफेड) के अभियंता को इसके लिए अधिकृत करते हुए मार्च 2024 में टेंडर निकाले। टेंडर की शर्तों में अनुभव को अनिवार्य बताया गया, लेकिन इसका सही तरीके से प्रचार-प्रसार नहीं किया गया। टेंडर खुले तो मेसर्स क्षितिज इन्फ्रा नाम की फर्म को तीन गोदाम और मेसर्स राकेश कुमार को 10 गोदाम बनाने के लिए टेंडर स्वीकृत करते हुए तीन अप्रैल 2025 को कार्यादेश भी जारी कर दिया गया।
10 गोदामों के निर्माण का ठेका हासिल करने वाली फर्म ने जो अनुभव प्रमाण पत्र लगाया वह ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की ओर से जारी हुआ था। 21 दिसंबर 2024 को जारी अनुभव प्रमाण पत्र में जिस अधिशासी अभियंता के हस्ताक्षर हैं, उनका अक्तूबर 2024 में तबादला हो चुका था। यही नहीं अनुभव प्रमाण में 72 लाख की लागत से बिछिया ब्लाॅक क्षेत्र में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय का निर्माण कराना दर्शाया गया है। हैरानी की बात यह है कि इसका निर्माण आरईएस ने कराया ही नहीं और न ही 2024 में राकेश कुमार नाम की कोई फर्म आरईएस में पंजीकृत थी। शिकायतकर्ता ने आपत्ति जताते हुए बताया है कि जिन दो फर्मों को खाद गोदाम बनाने का काम दिया गया है, उनके प्रमाण पत्रों में तमाम खामियां हैं। एआर कोआपरेटिव रविंद्र सिंह ने बताया कि पूरी टेंडर प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई गई है। जो शिकायत मिली है, उन बिंदुओं पर गहन जांच कराई जाएगी। (संवाद)
कोट-
निर्माण कार्यों में अनियमितता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खाद गोदाम निर्माण की टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता की शिकायत की जांच कराई जाएगी। अगर नियमों की अनदेखी और फर्मों के प्रमाणपत्रों में गड़बड़ी पाई जाती है तो सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- गौरांग राठी, जिलाधिकारी, उन्नाव