फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दुष्कर्म में दस साल कैद, दस हजार जुर्माना

Sun, 04 Oct 2015 12:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्नाव। नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के बाद रेप के मामले में न्यायाधीश ने दस साल का सश्रम कारावास व दस पांच हजार के जुर्माने के आदेश दिए हैं। जुर्माना न अदा करने पर चार माह के अतिरिक्त कारावास के भी आदेश दिए हैं। घटना माखी थाने के अंतर्गत एक गांव में वर्ष 2011 की है।
विज्ञापन


 अचलगंज थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 27 जून 2011 को माखी थाने में दिए शिकायती पत्र में बताया कि उसकी नाबालिग पुत्री माखी थानाक्षेत्र के एक गांव में अपने फूफा के घर गई थी। वह 12 जून 2011 को सुबह शौच के लिए गए थी तभी रनियां कानपुर निवासी पुत्तू उर्फ पवन कुमार अपने चार साथियों के साथ उसे एक कार में जबरन उठा ले गया। इसे गांव के ही एक व्यक्ति ने देखा था।

पीड़ित की तहरीर पर थाने में पांच लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया। तफ्तीश में पुलिस ने किशोरी को रनियां कानपुर से मुक्त कराया था। किशोरी ने बताया कि पुत्तू उसे जबरन अपने साथ ले गया और कई बार बलात्कार किया। तभी से मामला न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फॉस्ट ट्रैक कोर्ट में विचाराधीन था। मामले की सुनवाई के दौरान सहायक शासकीय अधिवक्ता योगेश कुमार सिंह द्वारा किए गए तर्कों पर न्यायाधीश संजीव यादव ने आरोपी पुत्तू को दोषी करार दिया, जबकि अन्य चार आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर दिया।
विज्ञापन


दोषी को अलग-अलग धाराओं में दस साल के सश्रम कारावास व दस हजार जुर्माने की सजा सुनाई। इसके अलावा जुर्माना अदा न करने पर चार माह के अतिरिक्त कारावास के भी आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें