उन्नाव। सभी शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य करने के निर्णय के विरोध में शिक्षक संगठन एकजुट हैं। गुरुवार को एक संगठन के लोगों ने सांसद और विधायकों को मांगपत्र दिया। दूसरे संगठन के लोग नारेबाजी करते हुए डीएम कार्यालय पहुंचे। शिक्षामंत्री को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा।
प्राथमिक शिक्षक एवं प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष संजीव संखवार, जिलामंत्री प्रदीप वर्मा और कोषाध्यक्ष अमित तिवारी सहित अन्य शिक्षकों ने सांसद साक्षी महाराज, सदर विधायक पंकज गुप्ता, भगवंतनगर विधायक आशुतोष शुक्ल और जिला पंचायत अध्यक्षा शकुन सिंह को पत्र भेजकर अपनी बात रखी। संजीव कुशवाहा ने उम्र की अधिकता, इंटर पास शिक्षकों के बीटीसी होने और बीएड योग्यताधारी शिक्षकों के लिए टीईटी न कर सकने की समस्या बताई।
मंत्री प्रदीप ने पूर्व से नियुक्त शिक्षकों पर नए नियम थोपे जाने और 2017 के आदेश का गोपन किए जाने की बात कही। सांसद साक्षी महाराज ने नियम संगत कार्यवाही के लिए पीएमओ भेजने की बात कही। वरिष्ठ उपाध्यक्ष शिवदर्शन वर्मा, संरक्षक नरेंद्र सिंह अलावा उपाध्यक्ष मनोज पटेल, अमित तिवारी, अतुल साहू, राजदीप भटनागर भी शामिल रहे।
उप्र जूनियर हाईस्कूल (पूर्व मा.) शिक्षक संघ के प्रांतीय आह्वान पर जिलाध्यक्ष अनुपम मिश्र के नेतृत्व में सैकड़ों शिक्षक निराला उद्यान में एकत्र हुए। इसके बाद नारेबाजी करते हुए पैदल कलक्ट्रेट पहुंचे। जिलाध्यक्ष अनुपम मिश्र ने कहा कि 2011 से पूर्व नियुक्त बेसिक शिक्षकों को अध्यादेश के माध्यम से मुक्त किया जाए। टीईटी में प्रतिभाग करने के लिए स्नातक, डीएलएड/ बीटीसी होना अनिवार्य है, जबकि 2001 से पहले नियुक्त शिक्षक इंटर पास और बीटीसी हैं। टीईटी के लिए आयु सीमा 40 वर्ष है जबकि बहुत से शिक्षक 40 वर्ष की आयु पार कर चुके हैं।
प्रदर्शन करने वालों में उमेश मिश्रा, तौसीफ अली खान, अनूप शुक्ला, कमलेश यादव, भैयालाल, अरविंद शुक्ला, करम सिंह, संदीप द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल रहे।