जिले में सवा चार सौ अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है। प्रक्रिया के तहत काउंसलिंग के बाद अभ्यर्थियों के मूल अभिलेखों की जांच की जा रही है। बीएसए की अध्यक्षता में बनी जांच व नियुक्ति कमेटी ने 6 अभ्यर्थियों के कई प्रमाणपत्र फर्जी पाए हैं।
कुछ ने रंगीन फोटोकापी को मूल अभिलेखों के साथ लगा दिया तो कुछ ने मूल अभिलेख में हेराफेरी कर शिक्षक की नौकरी पाने की जुगत लगाने की कोशिश की है। टीईटी के कई प्रमाणपत्रों में भी हेराफेरी पकड़ी गई है।
बीएसए दीवान सिंह ने उनकी नियुक्ति प्रक्रिया रोकते हुए गहन जांच कराने और संबंधित स्कूलों से सत्यापन कराने को कहा है। अंतिम जांच में भी फर्जीवाड़ा पकड़े जाने पर सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी है।