10 अगस्त को अमर उजाला में प्रकाशित खबर की पीडीएफ।
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उन्नाव। नगर क्षेत्र के स्कूलों व बीआरसी में संबद्ध शिक्षकों का बीएसए ने संबद्धीकरण समाप्त कर उन्हें मूल विद्यालय भेजा है। यह सभी शिक्षक कई महीने से अपने स्कूल नहीं जा रहे थे। औरास ब्लॉक के स्कूल में तैनात शिक्षक पर गलत सूचना देने का आरोप लगाते हुए बीईओ ने आख्या बीएसए को भेजी है।
बिछिया ब्लॉक के गांव तौरा में संचालित स्कूल में तैनात सहायक शिक्षक को नगर क्षेत्र के जवाहरखेड़ा प्राथमिक स्कूल में, नवाबगंज के प्राथमिक स्कूल दौलतखेड़ा का शिक्षक नगर क्षेत्र के सिविल लाइन स्थित बाल प्राथमिक स्कूल में व औरास ब्लॉक के फतेहपुर नरसा में संचालित उच्च प्राथमिक स्कूल में तैनात शिक्षक को निलंबित कर सिकंदरपुर सरोसी ब्लॉक के गांव भदेउना में संबद्ध किया गया था। जबकि नियमानुसार इन शिक्षकों का संबद्धीकरण उसी विद्यालय में होना चाहिए था। शिक्षकों के संबद्धीकरण की खबर अमर उजाला ने 10 अगस्त के अंक में प्राथमिकता से प्रकाशित की थी। बीएसए ने इसकी जांच कराई तो मामला सही पाया और सभी को मूल विद्यालय भेज दिया।
वहीं, औरास ब्लॉक के फतेहपुर नरसा में तैनात प्रधान शिक्षक के पक्ष में बीईओ सिकंदरपुर सरोसी ने आख्या दी थी कि 13 नवंबर से 18 दिसंबर तक चिकित्सीय अवकाश पर रहने के बाद 19 दिसंबर 2019 को उन्होंने फतेहपुर नरसा में कार्यभार ग्रहण कर लिया है। जबकि बीईओ औरास को उस तिथि की पदभार ग्रहण आख्या स्कूल में नहीं मिली थी और न ही शिक्षक ने चिकित्सीय अवकाश की कोई जानकारी दी। बीएसए प्रदीप कुमार पांडेय ने बताया कि शिक्षक ने अधिकारियों से झूठ बोला है। प्रधान शिक्षक को उसी स्कूल में दोबारा भेजने के साथ बीईओ को निर्देश दिए हैं कि शिक्षक के निलंबन के समय के जीवन निर्वाह भत्ते के अतिरिक्त अवशेष वेतन की धनराशि चिकित्सीय अभिलेख देखने के बाद ही दिए जाएं।