उन्नाव। राजधानी में स्वाइन फ्लू का मरीज मिलने के बाद शासन ने एक बार फिर अलर्ट जारी किया है। सीएमओ से स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए पर्याप्त दवाओं की खरीद के साथ ही सरकारी अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड चालू रखने के निर्देश दिए गए हैं। जिले में पिछले साल स्वाइन फ्लू के 38 मरीज मिले थे। इनमें 12 बच्चे शामिल थे। एक महिला की स्वाइन फ्लू से मौत हो गई थी।
स्वाइन फ्लू का प्रकोप अक्सर जुलाई से सितंबर माह में होता है। इस बार ठंड के मौसम में स्वाइन फ्लू का असर देखने को मिल रहा है। लखनऊ में स्वाइन फ्लू का मरीज मिलने के बाद शासन सक्रिय हो गया है। सीएमओ को पूरी तरह से अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। शासन से जारी आदेश के मुताबिक जिला स्तर पर स्वाइन फ्लू को लेकर लापरवाही न बरती जाए।
पर्याप्त तादाद में स्वाइन फ्लू से संबधित दवाएं और मास्क की खरीद कर ली जाए। उत्तर प्रदेश के संचारी रोग विभाग के संयुक्त निदेशक की ओर से जारी आदेश के मुताबिक स्वाइन फ्लू से पीड़ित मरीजों पर कड़ी नजर रखी जाए। जिला संक्रामक रोग अधिकारी डा. आरएस मिश्रा ने बताया कि शासन के निर्देशों पर अमल किया जाएगा।
ये है स्वाइन फ्लू
स्वाइन फ्लू इन्फ्लुएंजा टाइप ए वायरस से फैलने वाली बीमारी है। सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, रक्तचाप में गिरावट, थूक व बलगम में खून और नाखून नीले पड़ने लगें तो तुरंत स्वाइन फ्लू की जांच कराएं। ऐसी स्थिति में
स्वाइन फ्लू की दवाई औसल्टामिविर की आवश्यकता होती है।
यह बरतें सावधानी
-हाथों को साबुन और गुनगुने पानी से दिन में कई बार धोएं।
-रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए पोषक आहार लें।
-स्वाइन फ्लू पीड़ित व्यक्ति से कम से कम तीन फीट की दूरी रखें।
-खुद इलाज से बचें। डाक्टर की सलाह लें।
-खांसी और छींक आने पर मुंह को साफ कपड़े या रुमाल से ढकें।