बीघापुर निवासी युवती में स्वाइन फ्लू के लक्षण मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। हरकत में आए प्रशासन ने जिला अस्पताल में अलग से छह बेड की इमरजेंसी बनाने के साथ डॉक्टरों की टीम भी तैनात कर दी है। इसके साथ ही जिले के सभी सीएचसी व पीएचसी केंद्र प्रभारियों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। साफ तौर पर कहा गया है कि जुकाम या तेज बुखार से पीड़ित मरीजों को तत्काल दवाएं उपलब्ध कराई जाएं। यदि ऐसे मरीज की हालत में सुधार नहीं आता है तो उसे जिला अस्पताल रेफर किया जाए। सबसे अधिक स्वाइन फ्लू का वैक्टर गंदे जानवरों से मनुष्य पहुंचता है।
स्वाइन फ्लू के मरीजों को तत्काल इलाज मिल सके इसके लिए जिला अस्पताल में छह बेड का अलग वार्ड बनाया गया है। जिला अस्पताल आने वाले तीमारदार उसमें प्रवेश न कर पाएं इसके लिए वार्ड ताला लटका दिया गया है। डॉक्टरों की टीम भी तैयार है। यदि ऐसा कोई मरीज आता है उसका इलाज तुरंत किया जाएगा। स्वाइन फ्लू के मरीजों को दी जाने वाली दवा ‘टेमी फ्लू’ टैबलेट भी सीएचसी, पीएचसी केंद्रों पर भेज दी गई है। मौसम में उतार-चढ़ाव के चलते इस समय जनमानस में खांसी, जुकाम व बुखार जैसी संक्रामक बीमारियां तेजी से फैल रही हैं। ऐसे में लापरवाही बरतने पर यह बीमारियां बड़ा रूप ले लेती हैं और अंत में वह स्वाइन फ्लू की चपेट में आ जाते हैं। बीघापुर निवासी रोहिणी(24)पत्नी राहुल को परिवारी जनों ने तीन दिन पूर्व कमजोरी के चलते कानपुर हैलट में भर्ती कराया था। यहां हालत में सुधार न होने पर डॉक्टरों ने आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करा दिया। यहां डॉक्टरों ने महिला में स्वाइन फ्लू के लक्षण बताए हैं। सैंपल जांच के लिए पीजीआई लखनऊ भेजा गया है।
स्वाइन फ्लू के यह हैं लक्षण
व्यक्ति को बुखार, खांसी या जुकाम होने पर वह अस्पताल आकर दिखाएं। कमजोर व सांस फूलने वाले मरीज को भी स्वाइनफ्लू हो सकता है। गंदगी व गंदे जानवरों से दूर रहें। सबसे अधिक स्वाइन फ्लू गंदे जानवरों से ही फैलता है।
बचाव के उपाय
भीड़भाड़ वाले इलाको से दूर रहें। घर के आस-पास साफ-सफाई का विशेष ध्यान दें। कमजोरी से बचना चाहिए।
लक्षण की जानकारी होने पर टेमी फ्लू टेबलेट का प्रयोग करें। गंदे जानवरों को बाड़ों में बंद रखने के निर्देश।
क्या बोले सीएमएस
बीघापुर में जिस महिला में स्वाइन फ्लू बताया गया है उसका सैंपल अभी जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद कुछ कहा जा सकता है। फिलहाल जिले में स्थिति से निपटने के लिए सभी व्यवस्थाएं पूरी हैं। जिला अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी में दवाओं के साथ अन्य आपातकालीन व्यवस्थाएं कर ली गईं हैं। सभी जगह टेमी फ्लू टैबलेट भेज दी गईं हैं।