चुनाव प्रचार के दौरान दो दलों के प्रत्याशी व उनके समर्थक आमने-सामने आ गए। इस दौरान जमकर नारेबाजी हुई। मामला गंभीर होने से पहले ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों उम्मीदवारों के समर्थकों को अलग किया। शाम को भाजपा प्रत्याशी ने बसपा उम्मीदवार और उनके समर्थकों पर अभद्रता करने व बंधक बनाने का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी है।
पुरवा विधानसभा क्षेत्र से बसपा प्रत्याशी अनिल सिंह ने सोमवार को मवई से बिछिया तक मोटरसाइकिल रैली का आयोजन किया था। यह रैली मवई से चलकर मौरावां पहुंची। यहां पर काफी संख्या में बाइक सवार लोग रैली में शामिल हो गए। जिससे रोड पर जाम की स्थिति बन गई। इसी बीच यहीं पर सामने से भाजपा प्रत्याशी उत्तमचंद्र उर्फ राकेश लोधी अपने समर्थकों के साथ आ रहे थे। शेरबाग के पास दोनों का आमना-सामना हो गया। इसी बीच दोनों तरफ से नारेबाजी होने लगी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नारेबाजी के बाद मामला और गंभीर होने लगा।
किसी ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी। सूचना पर मौरावां पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों तरफ से लोगों को समझाया। उधर, शाम को राकेश लोधी ने मौरावां थाने में तहरीर दी। इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि बसपा प्रत्याशी और उनके समर्थकों द्वारा उनकी गाड़ी रोकी गई और आगे व पीछे डीजे लगाकर अभद्र शब्दों का प्रयोग किया गया। यही नहीं उन्होंने तहरीर में खुद को बंधक बनाए जाने की भी बात कही है। भाजपा प्रत्याशी ने बसपा उम्मीदवार और उनके समर्थकों पर मुकदमा पंजीकृत करके कार्रवाई की मांग की। वहीं बसपा प्रत्याशी अनिल सिंह ने ऐसी किसी भी घटना से इंकार किया।
बताया कि वह अपने रास्ते जा रहे थे। तभी भाजपा प्रत्याशी की गाड़ी उनकी रैली के जाम में फं स गई थी। उनके किसी भी समर्थक ने अभद्र व्यवहार नहीं किया है। राजनैतिक द्वेषवश यह आरोप लगाया गया है। थानाध्यक्ष दिनेशचंद्र मिश्रा ने बताया कि बसपा प्रत्याशी व उनके समर्थकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। लेकिन जांच में मारपीट व बंधक बनाने जैसे आरोप झूठे पाए गए। भाजपा प्रत्याशी की गाड़ी जाम में फंसी थी और उनके साथ गनर भी था।