सुपरवाइजर संतोष की मौत पर दही चौकी स्थित फैक्टरी गेट पर मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन करते परिजन व ग्रामीण
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सुपरवाइजर की मौत पर मुआवजे को लेकर फैक्टरी गेट पर प्रदर्शन -फैक्टरी गेट पर शव रखकर हंगामा, 10 मई को लखनऊ में सड़क हादसे में हुई थी मौत -सिटी मजिस्ट्रेट के हस्तक्षेप पर 2.10 लाख में हुआ समझौता, एक सदस्य को नौकरी संवाद न्यूज एजेंसी सोनिक। सदर कोतवाली क्षेत्र के दही चौकी साइड एक स्थित बैटरी बनाने वाली फैक्टरी के सुपरवाइजर की मौत के मामले में परिजनों ने बुधवार को मुआवजे की मांग कर फैक्टरी गेट पर शव रखकर हंगामा किया। सिटी मजिस्ट्रेट व कोतवाल के हस्तक्षेप के बाद 2.10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता व परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की हामी पर परिजन शव अंतिम संस्कार को लेकर चले गए। इस दौरान करीब 3 घंटे हंगामा चला। माखी थाना क्षेत्र के सदवाखेड़ा गांव निवासी संतोष 40 पुत्र छोटेलाल करीब 20 साल से औद्योगिक क्षेत्र दही चौकी स्थित बैटरी बनाने वाली दीप इंडस्ट्री में सुपरवाइजर था। 11 मई सोमवार को फैक्टरी से बैटरी लोडकर ट्रक लखीमपुर के लिए निकला। सुपरवाइजर संतोष भी माल उतरवाने के लिए ट्रक के साथ गया था। रात लगभग 1 बजे लखनऊ के निकट ट्रक व डीसीएम की टक्कर में संतोष की मौत हो गई। ट्रामा सेंटर में पोस्टमार्टम के बाद बुधवार सुबह परिजन शव लेकर फैक्टरी गेट पर पहुंचे और 12 लाख रुपए मुआवजे की मांगकर हंगामा शुरू किया।सूचना पर दही चौकी प्रभारी प्रेमनारायण मौके पर पहुंचे। फैक्टरी प्रबंधन की ओर से कोई जवाब न मिलने और हंगामा बढ़ता देख चौकी प्रभारी ने कोतवाल दिनेश चंद्र मिश्र व सिटी मजिस्ट्रेट चंदन पटेल को जानकारी दी। सिटी मजिस्ट्रेट व कोतवाल के पहुंचने के बाद फैक्टरी प्रबंधन ने 2.10 लाख की आर्थिक मदद व परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की बात कही। जिस पर परिजन शांत हो शव अंतिम संस्कार को लेकर चले गए। संतोष की मौत से उसकी 4 बेटी व एक बेटे के सिर से पिता का साया उठ गया। सभी का रो-रोकर बुरा हाल है।