संवाद न्यूज एजेंसी
अचलगंज। गर्मी का प्रकोप शुरु हो गया है लेकिन तालाबों को मॉडल बनाने के नाम पर लाखों खर्च करने वाले जिम्मेदार उनमें पानी भरवाने को लेकर गंभीर नहीं हुए। वहीं नहर में पानी न आने से परेशानी और बढ़ गई है।
विकासखंड सिंकदरपुर कर्ण में प्रत्येक ग्राम पंचायत में लाखों की लागत से 70 सरकारी तालाब तो बन गए। भूगर्भ जलस्तर को बढ़ाने के उद्देश्य से तालाब निर्माण में करोड़ों रुपये खर्च कर दिए गए लेकिन पानी किसी में भी नहीं भरवाया गया। क्षेत्र का दो तिहाई हिस्सा ऐसा ही जिसमें कोई नहर या माइनर के संसाधन नहीं है। ऐसे में मवेशी व पक्षियों के लिए तालाब ही एकमात्र सहारा हैं लेकिन वह भी सूखे होने से किसी काम के नहीं रह गए हैं। क्षेत्र के बदरका, ताजपुर, सुपासी वसैना, शुक्लापुर, छेरिहा, बेथर, सैदपुर आदि गांवों के तालाबों में पानी नहीं है। वहीं मुगलपुर अचलगंज माइनर सूखी पड़ी हुई है। गर्मी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है लेकिन जिम्मेदार तालाबों को वैकल्पिक तरीके से भरने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। खंड विकास अधिकारी संध्या रानी ने बताया कि पंचायतों को तालाब भरने के निर्देश दिए गए हैं।