उन्नाव। बिजली वितरण व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने के विरोध में अभियंताओं और कर्मचारियों ने तीन घंटे का कार्य बहिष्कार किया। इस दौरान सभी कर्मचारी दही चौकी अधीक्षण अभियंता कार्यालय पहुंचे। यहीं पर कार्य बहिष्कार करते हुए सरकार की नीतियों का विरोध किया।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक एससी शर्मा ने कहा कि निजीकरण का प्रयोग उड़ीसा, ग्रेटर नोएडा और आगरा में विफल हो चुका है। फिर भी केंद्र सरकार ने बिजली के निजीकरण के लिए इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेट बिल 2020 एवं स्टैंडर्ड बिडिंग डॉक्यूमेंट जारी किया है। इससे देशभर के बिजली कर्मियों में गुस्सा है। केंद्र सरकार के निर्देश पर केंद्र शासित प्रदेशों पांडिचेरी व चंडीगढ़ में बिजली के निजीकरण की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। इसी के विरोध में सांकेतिक कार्य बहिष्कार किया गया।
उन्होंने बताया कि बिजली कर्मचारी किसान आंदोलन को नैतिक समर्थन दे रहे हैं। उनकी मांगों में इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2020 की वापसी की मांग भी शामिल है। इस दौरान सह संयोजक निखिल जायसवाल, जोनल सचिव इं. विवेक पटेल मौजूद रहे।