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Unnao News: बदइंतजामी की कहानी ः 32 गांवों में सड़क से घरों तक पानी ही पानी

Tue, 19 Aug 2025 12:57 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
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फोटो-31- फतेहपुर चौरासी के गांव सुब्बापुरवा में बाढ़ के पानी से बच्चों के सा​थ निकलते ग्रामीण।
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उन्नाव। गंगा का जलस्तर खतरे के लाल निशान से 12 सेमी ऊपर पहुंचकर 113.120 मीटर पर स्थिर तो हो गया, लेकिन इससे ग्रामीणों की दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं। गांव घर में पानी भरने से ग्रामीणों ने सड़क किनारे डेरा डाल लिया है। वहीं अब तक 32 गांवों में रहने वाले 2600 परिवार बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। करीब 3900 बीघा फसल के जलमग्न होने की जानकारी प्रशासन के पास पहुंची है। जिला प्रशासन का दावा है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों की सुविधा के लिए 26 नाव लगाई गई हैं।
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लोगों ने सड़क किनारे तंबू लगा जमाया डेरा
परियर (उन्नाव)। सदर तहसील क्षेत्र के जगदीशपुर, भदेवना, माना बंगला, देवीपुरवा, बाबू बंगला, चंडी बंगला,पनपथा, बेनीपुरवा व कोलवा आदि गांव पूरी तरह से बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। बाबू बंगला, चंडी बंगला, देवीपुरवा, पनपथा गांव के लोग घरों से निकल बाढ़ राहत शिविर या ऊंचे स्थानों पर पहुंचने लगे हैं। सोमवार को परियर देवीपुरवा रोड व माना बंगला से देवीपुरवा को जाने वाला संपर्क मार्ग भी पानी से डूब जाने से गांवों का संपर्क टूट गया। वहीं कुछ गांव में लोगों ने सड़क किनारे ही तंबू लगाकर अपना डेरा जमाया है।
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दो गांव पानी से घिरे, मजरों में भरा पानी
बीघापुर (उन्नाव)। गंगा व पांडु नदी के बीच बसी ग्रामसभा दूलीखेड़ा के मजरों में पानी भर गया है। धरमपुर के घरों में पानी दरवाजे पर आ गया है। इससे लोगों को आने जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। कई परिवारों ने शिवराजपुर रोड पर अपना आशियाना बना लिया है। धरमपुर के रोहित निषाद ने बताया कि सौ बीघे तिल्ली डूब कर पूरी तरह से नष्ट हो गई है। अब तक नाव और राशन की भी व्यवस्था नहीं की है। गढ़ेवा से पुल तक जाने वाले संपर्क मार्ग पर पानी का बहाव शुरू हो गया है। इससे संपर्क मार्ग के किनारे बसे घरों के सामने पानी भर गया है। सीतारामखेड़ा व पसनियाखेड़ा गांव पानी से घिर गए हैं। एसडीएम रणवीर सिंह ने बताया कि बाढ़ राहत केंद्रों पर लोगों के रहने के बंदोबस्त के साथ राशन की भी व्यवस्था की गई है।
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चार गांवों में भरा पानी, प्राथमिक विद्यालय बंद
फतेहपुर चौरासी (उन्नाव)। शातिर बंगला का प्राथमिक विद्यालय बाढ़ के कारण बंद हो गया है। भुलभुलियाखेड़ा, तोरना, मन्नानगर व सुब्बापुरवा में बाढ़ का पानी गांव के अंदर आ गया है। गांव शहरिया सलेमपुर, कुशेहर बंगला व चिरंजूपुरवा पहले ही बाढ़ की चपेट में हैं। बीईओ विनय कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि बाढ़ के कारण विद्यालय के शिक्षकों को जाजमऊ उच्च प्राथमिक विद्यालय में समायोजित किया गया है। शातिर बंगला के स्कूल के जो बच्चे आ सकते हैं, उन्हें यहां पढ़ाया जाएगा। दबौली प्रधान विजय शंकर यादव ने बताया कि गांव सुब्बापुरवा व तोरना में पानी आ गया है। गड़ाई के रामबाबू ने बताया कि गांव इस्माइलपुर नौगवां व जाजामऊ में भी पानी भरने की आशंका है।
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सिकंदरपुर कर्ण के 11 गांव भी बाढ़ की चपेट में आए
अचलगंज (उन्नाव)। सिकंदरपुर कर्ण क्षेत्र में बंदीपुर, खन्नापुर, टिकरी, पदमारा, बलाई, मालमऊ, घोसरापुर, मझरा, टेढ़वा, कोलुहागाढ़ा, चंदनपुर विभौरा आदि गांवों के आसपास पानी पहुंच गया है। खरीफ की फसलों व सब्जियों को भारी नुकसान हुआ है। गांवों को जाने वाले लिंक मार्गों पर भी पानी पहुंच रहा है। कानपुर लखनऊ हाईवे से गंगा कटरी के बंदीपुर खन्ना संपर्क मार्ग में पानी भर जाने से आवागमन बाधित हो रहा है। जानवरों के चारे पानी की भी समस्या होने लगी है। प्रधान वीरेंद्र यादव ने बताया कि गांव के राजकीय कन्या विद्यालय के सामने सड़क पर दो फीट तक पानी बहने लगा है। अभी किसी भी स्थान पर राहत केंद्र सक्रिय नहीं किए गए हैं।

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कम लगाईं नाव, ग्रामीण 20 किमी का लगा रहे चक्कर
सफीपुर (उन्नाव)। गंगा व कल्याणी नदी के उफनाने के बाद तहसील मुख्यालय पहुंचने के लिए ग्रामीण 20 किमी का चक्कर काटकर हुलासी कुआं मार्ग से आवागमन करने लगे हैं। रामपुर, हमजापुर, नीबीगड़ा गांव के लोग पलायन कर जमालनगर व गहोली स्थित सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने हैं। जमालनगर-दबौली, उडंकपुरवा-सनहा, ददलहा-गहोली मार्ग पर भी पानी भर गया है। दबौली मार्ग से शेरपुर व मुरादपुर की ओर जाने वाले मार्ग पर पानी भर जाने से आवागमन बंद हो गया है। प्रशासन की ओर से नाव कम लगी होने से ग्रामीण परेशान हैं। सीएचसी के डाॅ. राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि मार्ग पर पानी पहुंचने के कारण सकहन राजपूतान पीएचसी के डाॅक्टर व स्टाफ गहोली में अस्थायी भवन में मरीज देख रहे हैं। बीईओ अनीता शाह ने बताया कि हमजापुर व रामपुर विद्यालयों को बंद कर शिक्षकों को दूसरे स्कूलों से संबद्ध कर दिया गया है। वहीं संपूर्ण तहसील समाधान दिवस के बाद एडीएम वित्त राजस्व सुशील कुमार गोंड ने एसडीएम शिवेंद्र कुमार वर्मा के साथ गंगा कटरी क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया। एडीएम ने जमालनगर व गहोली गांव के पास बनाए गए राहत शिविर पहुंचकर ग्रामीणों से समस्याएं जानीं। यहां अल्लीपुर और पालेहपुर गांव के करीब 150 बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की।
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फोटो-36-शुक्लागंज में तटवर्ती बस्तियों में कुछ ऐसे हैं हालात। संवाद

शुक्लागंज क्षेत्र की 23 बस्तियां बाढ़ की चपेट में

उन्नाव। सदर तहसील के शुक्लागंज (गंगाघाट) क्षेत्र में नदी के तटवर्ती 10 मोहल्लों और आसपास के गांवों सहित 23 बस्तियों में रविवार देर रात बाढ़ का पानी भर गया। करीब 20 हजार आबादी प्रभावित है। आवागमन के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। वहीं त्रिभुवन खेड़ा बिजली उपकेंद्र में पानी भरने से चार बस्तियों की बिजली आपूर्ति 24 घंटे से बंद है।

गंगा के जलस्तर में शनिवार देर रात और इजाफा हुआ और पानी खतरे के निशान से 12 सेमी ऊपर पहुंचने से मोहल्ला इंद्रानगर, शक्ति नगर, ब्रह्मनगर, श्रीनगर, मालवीय नगर, चंपापुरवा, फत्तेखेड़ा, हरिहरपुर, गगनीखेड़ा सहित 23 बस्तियों में जलभराव है। हालांकि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोग अभी घरों में ही रह रहे हैं।

फोटो-31- फतेहपुर चौरासी के गांव सुब्बापुरवा में बाढ़ के पानी से बच्चों के साथ निकलते ग्रामीण।

फोटो-31- फतेहपुर चौरासी के गांव सुब्बापुरवा में बाढ़ के पानी से बच्चों के साथ निकलते ग्रामीण।

फोटो-31- फतेहपुर चौरासी के गांव सुब्बापुरवा में बाढ़ के पानी से बच्चों के साथ निकलते ग्रामीण।

फोटो-31- फतेहपुर चौरासी के गांव सुब्बापुरवा में बाढ़ के पानी से बच्चों के साथ निकलते ग्रामीण।

फोटो-31- फतेहपुर चौरासी के गांव सुब्बापुरवा में बाढ़ के पानी से बच्चों के साथ निकलते ग्रामीण।

फोटो-31- फतेहपुर चौरासी के गांव सुब्बापुरवा में बाढ़ के पानी से बच्चों के साथ निकलते ग्रामीण।

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