उन्नाव। जेठ के चौथे मंगल पर हनुमान मंदिरों में भक्तों ने पवनपुत्र की प्रतिमाओं का भव्य शृंगार किया। भक्तों ने मंदिरों में फलों व मिठाई आदि का भोग लगाया। मंदिर परिसर हनुमंत लाल के जयकारों से गूंजते रहे। भक्तों ने पूड़ी-सब्जी, बूंदी, लड्डू, शर्बत के अलावा मिठाई और फल आदि का प्रसाद वितरित किया। तड़के से भक्तों के आने का शुरू हुआ सिलसिला देर शाम तक चलता रहा।
बुढ़वा मंगल के अवसर पर शहर के सभी हनुमान मंदिरों के पट तड़के खोल दिए गए। पट खुलते ही मंदिरों में बजरंगबली के दर्शनों को भक्तों का आना शुरू हो गया। महाआरती के बाद भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। शहर के बड़े हनुमान मंदिर में पवनपुत्र का फूल-मालाओं से शृंगार किया गया।
मंदिर परिसर लाउडस्पीकरों में बज रहे ‘लालों में लाल अनेकों हैं, हनुमंतलाल का क्या कहना’ और ‘दुनिया चले न श्रीराम के बिना, रामजी चलें ना हनुमान के बिना’ आदि भजनों से गुंजायमान होते रहे। मंदिर आवास विकास कालोनी, शास्त्री पार्क तिराहा, मोतीनगर, बड़ा चौराहा, छोटा चौराहा सहित अन्य हनुमान मंदिरों में स्थापित बजरंगबली की प्रतिमा का भव्य शृंगार किया गया। भक्तों ने मंदिरों के अलावा शहर के कई स्थानों में भंडारों का आयोजित किया गया।