जिले के पांच ब्लाकों में बिना चुनाव के प्रमुख का निर्विरोध चुना जाना तय हो गया है। शुक्रवार को हुए नामांकन के दौरान फतेहपुर चौरासी, सफीपुर, गंजमुरादाबाद, असोहा व औरास में एक-एक ही उम्मीदवार ने पर्चा दाखिल किया है।
ऐसे में इन प्रत्याशियों का निर्विरोध ब्लाक प्रमुख बनने का रास्ता साफ हो गया है। शेष 11 ब्लाकों में चुनाव होगा या नहीं, इसकी स्थिति आज नाम वापसी के बाद साफ होगी।
शुक्रवार को ब्लाक प्रमुख चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया सुबह 11 बजे से विकास खंड कार्यालयों में शुरू हुई। इस दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना से बचने के लिए ब्लाकों में भारी पुलिस बल की तैनाती रही।
प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ ब्लाक कार्यालय पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने समर्थकों को गेट पर ही रोक दिया। इसके बाद प्रस्तावक के साथ प्रत्याशी नामांकन कराने पहुंचे।
फतेहपुर चौरासी से बांगरमऊ विधायक बदलू खां की पुत्रवधू निदा परवीन, सफीपुर से पूर्व ब्लाक प्रमुख अशोक सिंह की पत्नी रमा देवी, गंजमुरादाबाद में विवेक की पत्नी संध्या, असोहा में राजकुमार रावत और औरास में पुष्पा पत्नी कौशलेंद्र ने ही पर्चा दाखिल किया।
दोपहर तीन बजे तक इन ब्लाकों में दूसरा नामांकन न होने से इन सभी का निर्विरोध ब्लाक प्रमुख चुना जाना तय माना जा रहा है।
सपा प्रत्याशी ने नहीं दाखिल किया पर्चा- बिछिया में सपा समर्थित प्रत्याशी निशा यादव पत्नी सुरेंद्र कुमार ने पर्चा ही दाखिल नहीं किया। मालूम हो कि निशा सपा के पूर्व जिला महासचिव उदयराज यादव के छोटे भाई की पत्नी हैं। कुछ दिन पूर्व उदयराज यादव ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर क्षेत्रीय विधायक पर सहयोग न करने का आरोप लगाया था।
उन्होंने मामले में हस्तक्षेप की मांग की थी। शुक्रवार को नामांकन के दौरान ब्लाक में तीन उम्मीदवारों ने अपना पर्चा दाखिल किया, लेकिन निशा यादव नामांकन करने नहीं पहुंचीं। नामांकन कराने वालों में रामकांती गुप्ता पत्नी भगवती प्रसाद गुप्ता, सीमा देवी पत्नी राजेश यादव व मुन्नी देवी पत्नी रामप्रसाद ने एआरओ नसीम अख्तर को नामांकनपत्र सौंपे।
निशा का नामांकन न कराना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं पूर्व ब्लाक प्रमुख व कांग्रेसी नेता कृष्णपाल सिंह की पत्नी शांती देवी ने भी नामांकन नहीं कराया।
एक ही पाले में खड़े नजर आए धुर विरोधी- औरास (उन्नाव)। ब्लाक के प्रमुख पद के चुनाव के लिए हुई नामांकन प्रक्रिया मेंआज तक एक-दूसरे के धुर विरोधी रहे जनप्रतिनिधि एक ही पाले में खडे़ नजर आए।
विकासखंड औरास में प्रमुख पद के लिए सपा से घोषित प्रत्याशी पुष्पा देवी पत्नी कौशलेंद्र प्रताप सिंह ने प्रमुख पद हासिल करने के लिए सभी दलों के नेताओं को एक सूत्र में पिरोकर अपनी जीत ही नहीं सुनिश्चित की बल्कि औरास ब्लाक की निर्विरोध ब्लाक प्रमुख बनने का इतिहास भी रच दिया है।
पुष्पा देवी ने राजनीति में सब जायज है कि कहावत को चरितार्थ करते हुए आज तक एक-दूसरे को फूटी आंख ने सुहाने वाले नेताओं को एक झंडे के नीचे लाकर खड़ा कर दिया। पुष्पा देवी ने तीन सेटों में अपना नामांकन दाखिल किया।
नामांकन दौरान पूर्व ब्लाक प्रमुख बबलू घोषी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित करा ब्लाक प्रमुख बनने वाले जगदीश सिंह यादव, अविश्वास प्रस्ताव पारित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पूर्व प्रमुख ज्ञानेंद्र सिंह, ब्लाक प्रमुख का पद गंवाने वाले बबलू घोषी, ब्लाक प्रमुख का चुनाव लड़ चुके महेंद्र प्रताप सिंह व पूर्व ब्लाक प्रमुख रानी देवी खड़े नजर आए।