जालिम खेड़ा गांव स्थित पेयजल पंप हाउस में एक साल से लगा सोलर पैनल शोपीस बनकर रह गया है। ग्रामीणों की मानी जाए तो जब से लगा उसके बाद एक बार ही उसे इस्तेमाल किया गया, इसके बाद पैनल ने काम करना बंद कर दिया।
बिजली जाने पर पेयजल आपूर्ति भी बंद हो जाती है। इस कारण पंप हाउस से 25 से अधिक गांवों में होेने वाली पानी की आपूर्ति ठप हो जाती है। बताया कि यदि सोलर पैनल में सोलर प्लेटों की संख्या बढ़ा दी जाए तो वह काम करने लगेगा।
जाजमऊ हाईवे किनारे बसे जालिम खेड़ा गांव में जलनिगम द्वारा एक साल पहले पंप हाउस में 10 लाख की लागत से 75 प्लेट वाला एक सोलर पैनल यह सोचकर लगाया था कि जब पंप हाउस में बिजली नहीं आएगी तो सोलर ऊर्जा से पंप हाउस को चालू रखा जाएगा।
गांवों में जल संकट उत्पन्न न हो, लेकिन एक बार चलने के बाद सोलर पैनल ने काम करना बंद कर दिया। इसके बाद से वह बंद पड़ा है।
जालिम खेड़ा के ग्रामीण धर्मेंद्र कुशवाहा, रामदयाल वर्मा, शिव शंकर शुक्ला ने बताया कि जब बिजली नहीं आती है तो पानी की आपूर्ति नहीं हो पाती। इससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
पंप आपरेटर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सोलर पैनल में 75 प्लेट लगी है, जो पंप हाउस में लगी मोटर को चालू करने में पर्याप्त नहीं है, यदि इसमे पांच से 10 प्लेट और बढ़ा दी जाए तो सोलर पैनल ठीक ढ़ग से काम करेगा और दिक्कत खत्म हो जाएगी।
इसकी जानकारी जेई जलनिगम को दी जा चुकी है। वहीं जलनिगम उन्नाव के जेई नवनीत सिंह ने बताया कि सोलर पैनल में प्लेट बढ़ाने का प्रस्ताव उन्होंने उच्च अधिकारियों को भेजा है, जल्द ही व्यवस्था दुरुस्त कर दी जाएगी।