उन्नाव-सोनिक के बीच रेल फ्रैक्चर होने की सूचना पर उन्नाव स्टेशन पर खड़ी झांसी इंटरसिटी व मालगाड़ी
- फोटो : अमर उजाला
रेलवे अधिकारियों की उदासीनता के चलते उन्नाव भी पुखरायां बनने से बच गया। शुक्रवार को उन्नाव-सोनिक के बीच चटकी पटरी से करीब आधा दर्जन ट्रेनें गुजर गईं। इसकी सूचना मिलते ही अधिकारियों के हांथ पांव फूल गए और आनन-फानन में रेल पथ विभाग के कर्मचारियों को मौके पर भेजा गया। कर्मचारियों ने पटरी की मरम्मत की और करीब डेढ़ घंटे बाद यातायात सुचारु किया गया। इस दौरान उन्नाव स्टेशन पर झांसी इंटरसिटी व एक माल गाड़ी को रोका गया। वहीं इससे पहले के स्टेशनों पर भी कई ट्रेनों को रोके रखा गया। हालांकि अधिकारी रेल फ्रैक्चर नहीं बल्कि स्लीपर टूटने की बात कहते रहे।
शुक्रवार दोपहर उस समय उन्नाव स्टेशन से दो किलोमीटर दूर सोनिक स्टेशन से पहले झांसी इंटरसिटी हादसे का शिकार होते बच गई जब आगे रेल फ्रैक्चर होने की सूचना मिलने पर उन्नाव स्टेशन से छूट रही ट्रेन को अचानक रोक दिया गया। दोपहर करीब डेढ़ बजे स्टेशन पर तैनात अधिकारियों के पास सूचना आई कि उन्नाव से सोनिक के बीच डाउन ट्रैक पर बड़ा रेल फ्रैक्चर हुआ है। इस पर अधिकारियों के पैरों तले जमीन खिसक गई और अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में अधिकारियों ने रेल पथ विभाग के कर्मचारियों को मौके पर भेजा। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद पटरियों को जोड़ा जा सका। इसके बाद डाउन लाइन पर यातायात सुचारु हो सका। इस दौरान उन्नाव स्टेशन पर झांसी इंटरसिटी व एक मालगाड़ी को रोका गया जबकि मगरवारा व गंगाघाट स्टेशन पर भी कई ट्रेनें खड़ी रहीं। कई ट्रेनों के चटकी पटरी से ही गुजर जाने की जानकारी भी सामने आई।
रेल पथ विभाग के सीनियर सेक्शन इंजीनियर मो. इरशाद ने बताया कि सूचना तो रेल फ्रैक्चर की मिली थी लेकिन मौके पर दो स्लीपर टूटे मिले थे। जिन्हें तुरंत ही बदलवा
सरैया क्रासिंग पर मौजूद एक यात्री ने जीआरपी थाने में फोन किया कि क्रासिंग से शताब्दी एक्सप्रेस निकल रही है, जबकि एक स्थान पर पटरी टूटी हुई है और उछल रही है। एसएस ने मौके पर मौजूद विभागीय कर्मचारियों को वहां भेजा तो कर्मचारियों ने सब कुछ ओके बताया।
शुक्रवार दोपहर करीब सवा बारह बजे जीआरपी एसओ के सीयूजी नंबर पर एक फोन आया कि वह गंगाघाट थाने में एसआई के पद पर तैनात हैं। वह सरैंया क्रासिंग बंद होने के कारण यहां पर खड़े थे। शताब्दी एक्सप्रेस यहां से गुजर रही थी। ट्रेन के गुजरते समय पटरी टूटकर उछल रही है। यह जानकारी होते ही जीआरपी ने मेमो भेजकर एसएस को इसकी सूचना दी। एसएस ने मौके पर तैनात कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी तो वह लोग वहां पहुंचे और जांच पड़ताल की। इसके बाद कर्मचारियों ने एसएस को सब कुछ ओके होने की जानकारी दी। सूत्रों की मानें तो पटरी तो नहीं क्रासिंग पर पटरियों की सपोर्टिंग पटरी (चकरेल) टूट गई थी जिसे दुरुस्त कर दिया गया था। इस बारे में एसएस विश्राम ने कहा कि पटरी टूटने की सूचना गलत थी। वहां पर सब कुछ ओके है।
बीच क्रासिंग पर बंद हुआ डंपर, आरपीएफ ने की कार्रवाई
अजगैन स्टेशन के पास क्रासिंग संख्या 18-सी से निकल रहा डंपर अचानक बीच क्रासिंग पर खराब हो गया और बंद हो गया। इसके बाद चालक ने काफी प्रयास किया लेकिन वह स्टार्ट नहीं हुआ। इससे यहां से निकलने वाली ट्रेनों के संचालन में भी दिक्कत आई। इस पर गेट मैन ने इसकी जानकारी आरपीएफ को दी। मौके पर पहुंचे आरपीएफ दारोगा मिथिलेश यादव डंपर को कब्जे में लेकर उन्नाव थाने लाए। एसआई ने बताया कि चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। उसे लखनऊ कोर्ट में पेश किया जाएगा।