उन्नाव। इसबार बहनें जेल में बंद अपने भाइयों की कलाई पर अपने हाथ से राखी नहीं बांध सकेंगी। कोरोना के कारण जेल प्रशासन ने यह फैसला लिया है। जेल अधीक्षक ने बताया कि बहनों की राखी जेल बंदियों व कैदियों तक पहुंचा दी जाएगी। 1 अगस्त को शाम 4 बजे तक लिफाफे में रखकर भाई का नाम लिखकर राखी जेल की कोविड हेल्प डेस्क पर जमा करनी होंगी। उन्हें सैनिटाइज करके 48 घंटे तक अलग रखने के बाद बंदियों तक पहुंचा दी जाएंगी।
रक्षा बंधन पर्व पर जेल में निरुद्ध बंदी व कैदी भाइयों को उनकी बहनें राखी बांधने आती हैं। हर साल रक्षा बंधन पर जेल के भीतर होने वाला आयोजन इसबार नहीं होगा। कोरोना को लेकर डीजी जेल आनंद कुमार ने यह आदेश जारी किया है। जेल अधीक्षक एके सिंह ने बताया कि जेल में निरुद्ध बंदी भाइयों को उनकी बहनें राखी, रोचना, चावल एक लिफाफे में रखकर उसपर बंदी का नाम व सामग्री देने वाले परिजन का नाम व पता लिखकर जेल गेट पर बनी कोविड हेल्प डेस्क में जमा करा दें। रक्षा बंधन से 48 घंटे पहले यानी 1 अगस्त को शाम 4 बजे तक लिफाफे में प्राप्त होने वाली राखियों को ही लिया जाएगा। लिफाफों को सैनिटाइज कराने के बाद रक्षाबंधन पर बंदी भाइयों तक पहुंचा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि लिफाफे के अंदर या अलग से मिठाई या कोई भी खाद्य सामग्री न रखें। बताया कि जेल में इस समय 1115 बंदीं व कैदी हैं। इनमें 59 महिलाएं भी हैं।