भशहर के किला बाजार में बकरे की खरीदारी करते लोग।
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उन्नाव। ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व शनिवार को मनाया जाएगा। इस बार कोरोना की वजह से बाजारों में रौनक कम है। बुधवार को बाजार में रौनक बढ़ी है।
ईद-उल-अजहा को लेकर शहर में बाजार सजने लगे हैं। हालांकि कोरोना के चलते लोग कम ही खरीदारी कर रहे हैं। लोगों ने बताया कि इसबार मेहमानों का आनाजाना कम रहेगा। इसी वजह खाने-पीने की सामग्री कम ही खरीद रहे हैं। बुधवार को लोगों ने सूतफेनी, सेवईं, मेवा, खोया आदि खाद्य सामग्री की खरीदारी की। साथ ही कपड़े, चूड़ी, जूते, चप्पल, टोपी आदि खरीदे। दुकानदारों में रज्जाक, सुंदर, महेश, शमीम, नुसरत, राजू आदि ने बताया कि पूर्व के वर्षों में त्योहार से कई दिन पहले से ही अच्छी बिक्री शुरू हो जाती थी। लेकिन इसबार लोग कम आ रहे हैं और थोड़ी ही खरीदारी कर रहे हैं। दुकानदारों को उम्मीद है कि अगल दो दिन यानी बृहस्पतिवार और शुक्रवार को अच्छी बिक्री होगी।
कुर्बानी के लिए जानवरों की खरीदारी शुरू
शहर के किला बाजार व कोरट बाग बाजार में बकरीद में कुर्बानी के लिए लोग जानवरों की खरीदारी करने लगे हैं।
बुधवार को किला बाजार में सबसे महंगा बकरा 45786 रुपये का बिका। काफी बड़ा और स्वस्थ होने से यह बकरा लोगों में आकर्षण का केंद्र रहा। इसे खरीदने वाले नुजहत हासिमी ने बताया कि केसरगंज निवासी घोषी से यह बकरा खरीदा है। साथ ही मवेशी बाजार में खरीदने और बिक्री करने वाले काफी लोग पहुंचे। किला बाजार में पांच हजार से 24 हजार तक में बकरे बिके। व्यापारी मो. अकरम ने बताया कि इस बार अच्छे जानवर बाजार मेें आए हैं। लेकिन लोग सस्ते बकरों की खरीदारी कर रहे हैं।