उन्नाव। महिलाएं कैसे आगे बढ़ें इस पर चिंतन हो रहा है। महिलाओं के आगे न बढ़ने के पीछे की मुख्य वजह चुप्पी है। हमारी चुप्पी ही हमारी कमजोरी है। इसलिए आगे बढ़ना हो तो चुप्पी तोड़ो और जागरूक बनो। खुद के साथ होने वाली हर छोटी से छोटी घटनाओं की शिकायत दर्ज कराओ। ये टिप्स सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव की पुत्रवधू अपर्णा यादव ने महिलाओं को दिए। वह गुरुवार को उन्नाव महोत्सव समिति की ओर से महिला जागरूकता व सुरक्षा विषय पर आयोजित सेमिनार को संबोधित कर रही थीं।
निराला प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यशाला में अपर्णा यादव ने महिलाओं से सीधे संवाद किया। उनसे जुल्म सहने की आदत छोड़ने की अपील की। कहा कि पुलिस से डरो नहीं बल्कि हर तरह की घटनाओं की शिकायत थाने में जाकर करो। हम जागरूक नहीं है तभी समस्याएं आ रही हैं।
उन्होंने महिलाओं से सवाल पूछा कि यदि कोई लड़का छेड़ता है तो क्या करना चाहिए। एक महिला ने कहा कि 1090 पर सूचना दें। इस जवाब को सही बताते हुए कहा कि अभी भी गांवों में महिलाओं का बोलना सही नहीं समझा जाता है। अपर्णा ने बताया कि भारत मधुमेह, हार्टअटैक आदि बीमारियों का बड़ा क्षेत्र बन गया है। इन बीमारियों के होने का मुख्य कारण तनाव है।
खासकर महिलाओं में यह बीमारियां तेजी के साथ बढ़ रही हैं क्योंकि वह हमेशा तनाव में रहती हैं। खुद के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ होने या अन्य घटनाओं में वह चुप्पी साधकर झेलती रहती हैं। महिलाएं और उनके परिजन यह सोचते हैं कि छेड़छाड़, छींटाकशी आदि घटनाओं का विरोध करने पर सामाजिक कलंक लगेगा तो यह गलत है। ऐसा वातावरण बनाएं जिससे महिलाएं किसी भी मामले को दबाएं नहीं बल्कि आगे बढ़कर उसका विरोध करने का साहस दिखाएं।
शुरू करेंगी जेल देखो आंदोलन
अपर्णा यादव ने महिलाओं से एसओ व एसआई का पूरा नाम पूछा तो कोई भी इसका जवाब नहीं दे पाया। इस पर उन्होंने कहा कि जल्द ही वह महिलाओं को थाना व जेल दिखाएंगी। अपर्णा यादव ने कहा कि जिस प्रकार गांधीजी ने जेल भरो आंदोलन शुरू किया था उसी प्रकार वह महिलाओं का डर दूर करने के लिए जेल देखो आंदोलन शुरू करेंगी।
निर्भयाकांड के बाद बने कानून से हर जुर्म पर होगी सजा
सपा मुखिया की पुत्रवधू ने नई दिल्ली में हुए निर्भयाकांड के बारे में पूछा तो कुछ ही महिलाओं ने मामले की जानकारी होने के लिए हाथ खड़े किए। इस पर अपर्णा यादव ने कहा कि इस घटना के बाद केंद्र सरकार ने क्रिमिनल लॉ एक्ट 2013 लागू किया है। इस एक्ट में महिलाओं के साथ होने वाले हर छोटे से छोटे जुर्म पर भी सजा का प्रावधान किया गया है। सेमिनार के समापन के बाद विभिन्न परीक्षाओं में टॉपरों को सम्मानित किया गया।