आठ दिन बाद फिर खराब हुई सेलेक्ट्रा मशीन
जिला अस्पताल में लीवर और किडनी की जांच ठप
उन्नाव। जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में लगी सेलेक्ट्रा मशीन अचानक खराब हो गई। इससे किडनी और लीवर के साथ लिपिड प्रोफाइल नहीं हो पा रही है। सोमवार को ओपीडी में डॉक्टरों को दिखाने के बाद करीब 120 मरीज जांच के लिए पहुंचे उनके सैंपल नहीं लिए गए। उन्हें अगले दिन आकर देखने की बात कहते हुए लौटाया गया। मालूम हो कि इसी महीने छह सितंबर को खराब हुई यह मशीन 11 सितंबर को ठीक हो पाई थी।
जिला अस्पताल में ओपीडी में मरीजों की भीड़ बढ़ती जा रही है। रोजाना औसतन 900 मरीज पहुंच रहे हैं। इसमें 100 से 120 मरीज जिनके पेट में दिक्कत है उन मरीजों को डॉक्टर केएफटी और एलफटी की जांच लिख रहे हैं। पैथोलॉजिस्ट की माने तो सेलेक्ट्रा मशीन से एक बार में 50 सैंपलों की जांच हो सकती है। अधिकतम 100 की जा सकती है। लेकिन इस समय रोजाना करीब 150 सैंपल किडनी और लीवर जांच के आ रहे हैं। सैंपलों की संख्या अधिक होने से तीन से चार बार मशीन चलाने पड़ रही है। मशीन की क्षमता के अनुसार काम अधिक होने से वह आए दिन खराब हो जाती है। सोमवार सुबह अचानक मशीन में तकनीकी खराबी आ गई और जांच बंद हो गई है। इससे मरीजों के सैंपल नहीं लिए जा रहे हैं। जरूरतमंद मरीजों ने निजी पैथोलॉजी में जांच कराई।
पर्चा और पौथोलॉजी काउंटर पर धक्कामुक्की
रविवार की छुट्टी के बाद जिला अस्पताल की ओपीडी अपने निधार्रित समय आठ बजे से शुरू हुई। पर्चा काउंटर पर सुबह से ही लाइन लगना शुरू हो गई। नौ बजे तक भीड़ अधिक हो गई। अचानक पहले बिना लाइन में लगे पर्चा बनवाने को हंगामा शुरू हो गया। इससे काफी देर तक पर्चा काउंटर पर काम बाधित रहा। किसी तरह मांमला शांत होने पर दाेबारा पर्चे बनने शुरू हुए। वहीं पैथोलॉजी में जांच की लाइन में लगे मरीज और तीमारदारों में नोंकझोंक और धक्कामुक्की होने लगी। स्वास्थ्य कर्मियों ने किसी तरह मामला शांत कराया। सीएमएस डॉ.आरए मिर्जा ने बताया कि इंजीनियर को सूचना दे दी गई है। मंगलवार को जांच सेवा शुरू होने की उम्मीद है।