मियागंज/उन्नाव। आसीवन थाना क्षेत्र के शेरपुर कला गांव में नमाज के दौरान भागवत कथा में लाउडस्पीकर बंद कराने को संघर्ष की घटना के चौथे आयोजकों ने भागवत कथा रोक दी। आयोजक बार-बार लाउड स्पीकर बंद कराने से कथा में व्यवधान होने और मांग के बावजूद पुलिस सुरक्षा न मिलने से नाराज थे। सूचना पर एसपी और एएसपी गांव पहुंचे। लोगों ने बार-बार कहने के बाद भी रात को और कथा के समय पुलिस बल तैनात न किए जाने की शिकायत की। जांच में मामला सही पाए जाने पर एसपी ने आसीवन थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया।
मालूम हो कि आसीवन थानाक्षेत्र के शेरपुरकला गांव में शुक्रवार रात कालपी माता मंदिर परिसर में प्रधान किशनपाल यादव के परिवार के महिपाल यादव व अन्य लोगों ने सामूहिक रूप से श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया था। शुक्रवार को पहले ही दिन रात को नमाज के दौरान लाउड स्पीकर बंद करने को लेकर टोकाटाकी को लेकर दो पक्षों में जमकर लाठी-डंडे और पथराव हो गया था। दोनों पक्षों से दर्जन भर से अधिक लोग घायल हो गए थे। घटना में प्रधान पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने पूर्व प्रधान समेत 17 लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की और पूर्व प्रधान को गिरफ्तार कर लिया। अगले दिन शनिवार को दूसरे पक्ष ने भी वर्तमान प्रधान पक्ष के 18 लोगों को नामित करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। घटना के बाद से जैसे-तैसे भागवत कथा चल रही थी। चौथे दिन सोमवार सुबह आयोजकों ने कथा रोक दी। सूचना पर एसपी नेहा पांडेय और एएसपी हरदयाल मौके पर पहुंचे। कथा आयोजकों ने बताया कि थानाध्यक्ष ने मारपीट करने वाले आरोपी पक्ष की तहरीर पर पीड़ित पक्ष पर रिपोर्ट दर्ज कर दी इससे लोग गांव छोड़कर भाग गए हैं। कार्रवाई न होने से गांव के लोग भी दहशत में हैं ऐसे में कथा कराने का क्या मतलब। ग्रामीणों ने बार-बार लाउडस्पीकर बंद कराने से कथा में व्यवधान होने और मांग के बाद भी रात के समय पुलिस तैनात न होने का आरोप लगाया। इस पर एसपी ने आसीवन थानाध्यक्ष रामलखन पटेल को निलंबित करते हुए घटना की निष्पक्ष जांच कराने और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। उच्चाधिकारियों के आश्वासन के बाद आयोजकों ने भागवत कथा दोबारा शुरू कराने को तैयार हुए।