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औद्योगिक क्षेत्र साइट टू की 12 टेनरियां सील

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दहीचौकी स्थित एक फैक्टरी को सील कराते एडीएम राकेश कुमार सिंह व सीओ सिटी उमेश त्यागी। - फोटो : UNNAO
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उन्नाव। एनजीटी के आदेश पर सीईटीपी दही चौकी व बंथर से जुड़ी 41 टेनरियों में उत्पादन बंद कराने के बाद गुरुवार से उन्हें सील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने औद्योगिक क्षेत्र साइट टू की 12 टेनरियाें में मशीन व डिस्चार्ज ड्रम गुरुवार को सील कर दिए। जल्द ही बंथर सीईटीपी से जुड़ी अन्य टेनरियां पर भी कार्रवाई की जाएगी। टेनरियां सील होने से अब यहां किसी भी तरह का कोई काम नहीं हो सकेगा।
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सीईटीपी दही चौकी व सीईटीपी बंथर से निकलने वाला पानी सीपीसीबी की जांच में मानकों पर खरा नहीं उतरा था। सीपीसीबी की जांच रिपोर्ट के बाद एनजीटी ने दोनों सीईटीपी से जुड़ी 41 टेनरियों को बंद करने के आदेश दिए थे। जिसके तहत प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने टेनरी संचालकों को कच्चा माल खत्म कर उत्पादन बंद करने को कहा था। तीन दिन पूर्व सभी को आखिरी चेतावनी दी गई थी। गुरुवार को क्षेत्रीय प्रदूषण बोर्ड अधिकारी विमल कुमार ने एडीएम राकेश कुमार व सीओ सिटी उमेश चंद्र त्यागी की मौजूदगी में साइट टू में सीईटीपी दही चौकी से जुड़ी 12 टेनरियों को सील कर दिया। इस दौरान टेनरी मालिकों को अब किसी भी तरह का कार्य न करने की चेतावनी भी दी गई। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी विमल कुमार ने बताया कि सीपीसीबी के आदेश पर ही अब दोबारा काम शुरू हो सकेगा।
सीईटीपी से जुड़ी हैं 14 टेनरियां
दही चौकी सीईटीपी से 14 टेनरियां जुड़ी हुई हैं। जिनमें से एक टेनरी कई माह से पूरी तरह से बंद है। जबकि 13 टेनरियों में काम चल रहा था। इनमें से 12 गुरुवार को सीज करा दी गई। शुक्रवार को शेष बची एक टेनरी को भी सीज कराया जाएगा।
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27 टेनरियां और होंगी सील
दही चौकी के बाद बंथर सीईटीपी से जुड़ी 27 अन्य टेनरियों को भी सील कराया जाएगा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी विमल कुमार ने बताया कि दही चौकी के बाद बंथर स्थित टेनरियों को सील किया जाना है।
विधिक सलाहकार ने कहा, कार्रवाई का तरीका गलत
बंथर इंडस्ट्रियल पॉल्यूशन कंट्रोल कंपनी के विधिक सलाहकार एडवोकेट नीरज अवस्थी ने कार्रवाई को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की मनमानी बताया। उन्होंने बताया कि एनजीटी ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से केवल उन्हीं टेनरियों को बंद करने का आदेश दिया है जिनसे प्रदूषित पानी निकल रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सीईटीपी में आने वाले सभी टेनरियों के पानी की अलग-अलग जांच करानी चाहिए थी। पानी प्रदूषित मिलने वाली टेनरी को ही बंद कराना चाहिए था, लेकिन अपने आपको बचाने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने सीईटीपी से जुड़ी सभी टेनरियों को बंद करा दिया। यह कार्रवाई गलत है।
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