शिक्षा अमूल्य निधि है, वह चाहे शारीरिक हो या बौद्धिक। परिषदीय स्कूलों की क्रीड़ा प्रतियोगिता देखकर यह आभास होता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, उनकी प्रतिभा निखारने की जरूरत है। युवा मुख्यमंत्री की अच्छी सोच से यह शुरुआत हो सकी है।
यह बातें जिला पंचायत अध्यक्ष संगीता सेंगर ने पंडित दीन दयाल उपाध्याय स्टेडियम में परिषदीय स्कूलों की दो दिवसीय जनपदीय बाल क्रीड़ा समारोह के शुभारंभ के मौके पर कही।
भगवंतनगर विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने कहा कि मुख्यमंत्री की सोच को अधिकारियों ने धरातल पर उतारा है, यह और भी अच्छी बात है। कहा कि बच्चों की प्रतिभा निखारने के लिए, जो भी सहयोग आवश्यक होगा, किया जाएगा।
प्रतियोगिताओं की शुरुआत मुख्य अतिथि ने जूनियर स्तर के बालकों की 100 मीटर दौड़ को झंडी दिखाकर की। तत्पश्चात प्राथमिक स्तर बालक-बालिकाओं की 50 मीटर दौड़, बालकों की कबड्डी, बालक-बालिकाओं की लंबी कूद, 400 मीटर दौड़ हीट्स फाइनल, बालिकाओं की कबड्डी तथा बालक-बालिकाओं की 200 मीटर दौड़ हुई।
वहीं उच्च प्राथमिक स्तर में बालक-बालिकाओं की 200 मीटर दौड़, 600 मीटर फाइनल दौड़, बालकों की खो-खो प्रतियोगिता, बालक-बालिकाओं की लंबी कूद के अलावा योगा, बालीवाल व एकांकी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का फाइनल निर्णय शुक्रवार पांच फरवरी को होगा, जिसमें प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जाएगा।
प्रतियोगिता के शुभारंभ पर कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। वहीं केजीबी असोहा की छात्राओं ने मां सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। हिलौली केजीबी की छात्राओं ने गांगा की स्वच्छता पर नृत्य नाटिका का प्रभावी मंचन किया।
हसनगंज केजीबी की छात्राओं ने मधुबन में कान्हा जो किसी से प्रीत करे, व बिछिया केजीबी की छात्राओं ने राजस्थानी नृत्य प्रस्तुत समां बांध दिया। जूनियर हाईस्कूल छेरिया के बच्चों ने कृष्ण की झांकी प्रस्तुत की। प्रतिभागी छात्राओं को मुख्य अतिथि ने पुरस्कृत कर प्रोत्साहित किया।
इस मौके पर बीएसए कौस्तुभ कुमार सिंह, बीईओ मुख्यालय राजेश सिंह, बीईओ के अलावा प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष बृजेश पांडेय, सत्यदेव सिंह, विवेक तिवारी, एबीआरसी विनय त्रिपाठी, प्रदीप भदौरिया, योगेंद्र सिंह, आदित्य त्रिपाठी के अलावा अनुदेशक संघ के जिलाध्यक्ष शशांक मौजूद रहे।