उन्नाव। गंगा में बहती मिली लाशों का बुधवार को डीएनए टेस्ट के लिए सेंपल लिया गया। घाट पर ही मृतकों की आत्मा की शांति के लिए हवन हुआ। इसके बाद सभी शवों को दफन कर दिया गया।
इस दौरान कई थानों की फोर्स और भारी संख्या में पीएसी के साथ जिलाधिकारी, सीडीओ, एडीएम समेत पूरा अमला मौके पर जुटा रहा। भाजपाइयों ने विरोध करने की कोशिश की, लेकिन फोर्स के फटकारने के बाद पैर पीछे खींच लिए। इस दौरान सीओ और सांसद प्रतिनिधि के बीच तीखी नोंकझोंक भी हुई।
गंगा के परियर घाट पर मंगलवार को 104 से अधिक लाशें मिली थीं। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने जेसीबी बुलाकर शवों को दफनाने की कोशिश की तो भाजपाइयों ने बखेड़ा कर दिया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी के विरोध के बाद दफनाने का काम रोक दिया गया था।
बुधवार सुबह आसपास की नगर पंचायतों से सफाईकर्मी और जेसीबी बुलाई गई। घाट जाने वाले मार्ग पर बैरिकेडिंग कर दी गई। शवों को बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू हुई।
सफाईकर्मियों ने सड़े- गले शवों को निकालने के इनकार कर दिया। इस बीच डीएम सौम्या अग्रवाल, सीडीओ नेहा शर्मा, एडीएम शिवेंद्र सिंह, एएसपी रामकिशुन यादव सहित सभी आला अफसर कई थानों की फोर्स और भारी संख्या में पीएसी के साथ घाट पर पहुंचे।
भाजपाइयों ने विरोध किया तो फोर्स ने डंडा फटकार कर भगा दिया। फिर चिकित्सकों की टीम ने डीएनए टेस्ट के लिए दांत के नमूने लेने शुरू किए। दोपहर बाद तक 81 शवों के नमूने लेने के बाद उनकी कोडिंग की गई। इस दौरान वहां जुटे ग्रामीणों और ग्राम प्रधान एवं पूर्व विधायक रामकुमार से डीएम ने वार्ता की। वार्ता के बाद तय हुआ कि मृतकों की आत्मा की शांति के लिए हवन किया जाए। तत्काल घाट पर ही हवन के साथ शांतिपाठ हुआ। फिर पांच जेसीबी की मदद से लाशों को दफनाने का काम शुरू किया गया।
जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल ने कहा कि 81 लाशों के सेपल लेकर उन्हें दफना दिया गया है। शवों की संख्या और भी हो सकती है। जिन्हें तलाश कर दफनाया जाएगा। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। डीएनए टेस्ट की मदद से यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि जो शव मिले हैं उनमें कितने महिला व कितने पुरुष के हैं तथा उनकी उम्र क्या थी।