मियागंज/उन्नाव। वन विभाग के फारेस्टर ने पुलिस की मदद से एक साधु को विभाग की जमीन पर कुटिया बनाने से रोक दिया तो उसने जमीन में गड्ढा खोदकर समाधि ले ली।
साधु की हत्या की अफवाह उड़ी तो पुलिस हरकत में आई और साधु को गड्ढे से बाहर निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस उसके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
आसीवन थानाक्षेत्र के गौरिया कला गांव में वन विभाग की करीब 12 बीघा जमीन है। इस जमीन पर वर्षों पुराना एक चबूतरा भी बना है। इस चबूतरे के पास ही करीब तीन साल से एक नागा साधु रह रहा था। गुरुवार को साधु लोगों की मदद से कुटिया के लिए पक्की दीवार बना रहा था।
कुछ लोगों ने वन विभाग के फारेस्टर देवदत्त पाल को दे दी। फारेस्टर ने आसीवन थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस और वन विभाग की टीम देर शाम मौके पर पहुंची और निर्माण कार्य रोकवा दिया। पुलिस साधु को अपने साथ थाने लेकर जा रही थी तभी ग्रामीण पुलिस के विरोध में खड़े हो गए।
हालात बिगड़ते देख पुलिस ने आरोपी साधु को इस शर्त पर छोड़ दिया कि वह इस जमीन पर कोई निर्माण कार्य नहीं कराएगा। रात को साधु ने चबूतरे के पास अपने शिष्यों से जमीन में एक गड्ढा खुदवाया। इसके बाद वह गड्ढे में बैठ गया। उसने ऊपर से फूस और पालीथिन बिछाकर मिट्टी डालकर बंद करा दिया।
सुबह करीब आठ बजे गांव में अफवाह उड़ी कि साधु की हत्या कर उसे दफना दिया गया है। सूचना से हड़कंप मच गया। आनन-फानन आसीवन थानाध्यक्ष मनोज कुमार मिश्रा मौके पर पहुंचे। पुलिस ने गड्ढा खुलवाकर भीतर बेहोश पड़े साधु को बाहर निकलवाया। पुलिस ने उसे मियागंज स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया जहां उसका इलाज चल रहा है। स्वास्थ्य केंद्र के डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि साधु की हालत में सुधार हो रहा है।