बांगरमऊ सड़क का निरीक्षण करते सीडीओे दिव्यांशु पटेल। संवाद
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उन्नाव। प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे सड़कों के गड्ढामुक्त अभियान में पीडब्ल्यूडी के अधिकारी खानापूर्ति कर रहे हैं। डामर के कम प्रयोग से गड्ढा भरने के कुछ समय बाद ही गिट्टी बाहर निकल रही है। बांगरमऊ में तीन सड़कों का सीडीओ द्वारा स्थलीय सत्यापन करने पर इस बात का खुलासा हुआ। इस पर पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
उन्नाव-बांगरमऊ-हरदोई मुख्य मार्ग से हुलासीकुआं के दाएं तरफ 17.80 किमी की लंबाई में सड़क को गड्ढामुक्त करने के लिए अभियान चलाया गया। इसके लिए पीडब्ल्यूडी को 17.80 लाख रुपये मिले। सीडीओ ने जब इस सड़क का सत्यापन किया तो कई स्थानों पर गड्ढे मिले। कुछ जगहों पर डामर का कम प्रयोग होने के कारण अभी से गिट्टी बाहर निकली मिली।
उन्नाव-बांगरमऊ-हरदोई मुख्य मार्ग से बांगरमऊ कस्बे के अंदर बांईं तरफ 1 किमी. को छोड़कर बरुआघाट तक गड्ढामुक्त अभियान चलाया गया। इस मार्ग के गड्ढे भरने के लिए 5.50 लाख की धनराशि मिली। निरीक्षण में मार्ग पर पैच वर्क का कार्य काफी खराब मिला। कई जगहों पर सड़क के किनारे टूटे मिले और मिट्टी कटी थी। जिससे यहां पर दुर्घटनाओं का खतरा बने रहने की आशंका जताई गई। पूर्व में इस मार्ग पर कई दुर्घटनाओं में लोगों के घायल होने की भी जानकारी मिली। इस मार्ग में भी डामर का कम प्रयोग पाया गया।
बांगरमऊ-हरदोई मुख्य मार्ग से नानामऊ घाट तक जाने वाले 2 किमी लंबे मार्ग के पैचवर्क के लिए 2 लाख रुपये स्वीकृत हुए। स्थलीय निरीक्षण में 6-7 जगहों पर पैचवर्क का कार्य कराया जाना पाया गया। जांच में पता चला कि 60-70 हजार की धनराशि व्यय की गई होगी। सीडीओ ने पाया कि पीडब्ल्यूडी ने जो कार्य कराए हैं वह मानकविहीन हैं। जबकि यही विभाग अभियान का नोडल भी है।
जिले में 1182.20 किमी सड़कों की मरम्मत के लिए शासन ने 4.05 करोड़ रुपये जारी किए थे। पीडब्ल्यूडी को इस धनराशि से पहले चरण में 15 सितंबर से 15 नवंबर तक 154.4 किमी के राज्यमार्ग, 72.42 किमी जिला मार्ग, 90.30 किमी शहरी और 865.08 किमी ग्रामीण सड़कों की मरम्मत करानी थी। हालांकि काम पूरा न होने पर शासन ने समय सीमा बढ़ाकर 30 नवंबर कर दी। इसके बाद भी सिर्फ 70 फीसदी काम होने पर शासन ने समय सीमा बढ़ाकर 5 दिसंबर कर दी थी। साथ ही पीडब्ल्यूडी ने 91.47 किमी लंबाई की और खस्ताहाल सड़कों को शामिल करके विशेष मरम्मत के लिए 13 करोड़ रुपये मांगे थे। जिसमें शासन से 4 करोड़ मिले थे। यह समयसीमा भी रविवार को समाप्त हो गई।
गड्ढामुक्त अभियान में मानकविहीन कार्य कराने की पुष्ट हुई है। इसको लेकर पीडब्ल्यूडी निर्माणखंड-1 के एक्सईएन व एई से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। तीन दिन में संतोषजनक उत्तर न मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- दिव्यांशु पटेल, सीडीओ।