हसनगंज/ गंजमुरादाबाद। हसनगंज के मोहान-मलिहाबाद मार्ग व गंजमुरादाबाद क्षेत्र में हुई मार्ग दुर्घटनाओं में मेडिकल स्टोर संचालक समेत दो की मौत हो गई। दोनों हेलमेट नहीं लगाए थे। सिर में गंभीर चोट से मौत की पुष्टि हुई है। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराया है।
नगर पंचायत मोहान के मोहल्ला कटरा निवासी राजकिशोर सिंह (45) पुत्र रामकुमार सिंह कस्बा में ही मेडिकल स्टोर चलाते थे। सोमवार 16 मार्च को वह इसी कोतवाली क्षेत्र के तलवा गांव में रहने वाले रिश्तेदार के घर होली मिलने गया था। रात 11 बजे घर लौटते वक्त ऊंचद्वार चौराहा के पर रात 11 बजे प्राइवेट बस से उसकी बाइक की टक्कर हो गई। हेलमेट न लगा होने से सिर में गंभीर चोट आने से वह बेहोश हो गया। पुलिस ने सीएचसी पहुंचाया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस की सूचना पर पहुंचे परिजन शव देख बेहाल हो गए। पिता की मौत पर पत्नी, बेटा अंकित व बेटी निधि, लकी व अंशिका का रो-रोकर बुरा हाल है। बेटे अंकित की रिपोर्ट पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम कराया है। कोतवाल एपी सिंह ने बताया कि अंकित की तहरीर पर बस नंबर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।
वहीं दूसरी घटना में हरदोई के थाना कासिमपुर के ग्राम ब्रह्मपुर निवासी मो हनीफ की पुत्री हिना की सोमवार को शादी थी। शादी में भाग लेने हनीफ का साढ़ू शहजहांपुर के मोहल्ला प्रेमनगर निवासी शहजाद पुत्र असलम और उसका भतीजा हैदर पुत्र साजिद भी पहुंचा था। मंगलवार सुबह लगभग 6 बजे शहजाद और हैदर बाइक से बांगरमऊ की सब्जी मंडी सब्जी खरीदने आ रहे थे। तभी बांगरमऊ-संडीला मार्ग पर थाना बेहटामुजाबर के ग्राम रामकोट के पास विपरीत दिशा से आ रहे तेज रफ्तार एक ट्रक ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में चाचा और भतीजा घायल हो गए। पुलिस की मदद से हनीफ के परिजनों ने घायलों को बांगरमऊ कस्बा के नर्सिंग होम में भर्ती कराया। गंभीर हालत में डॉक्टर ने दोनों घायलों को ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया। उपचार के दौरान भतीजे हैदर की मौत हो गई जबकि चाचा का इलाज जारी है। हादसे के वक्त वह हेलमेट नहीं लगाए था। हैदर शहजहापुर में सब्जी की दुकान लगाता था। वह माता-पिता की इकलौता था। हादसे के बाद ट्रक चालक भाग निकला। उसकी मौत से पत्नी निशा बेहाल हो गई। उसे तीन साल की बच्ची रीना की परवरिश की चिंता सता रही है।
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छप्पर हटाते वक्त गिरी दीवार, चार लोग घायल
पुरवा। कोतवाली क्षेत्र के गांव सुईखेड़ा निवासी रामसेवक मंगलवार को घर की दीवार पर रखे टूटे छप्पर को पड़ोसियों की मदद से हटवा रहा था। इसी दौरान छप्पर से साथ ही पक्की दीवार भरभराकर गिर गई। हादसे में रामसेवक का 22 वर्षीय बेटा पप्पू, रोहित, प्रमोद, आशीष दीवार के मलबे में दब गए। शोर सुन गांव के अन्य लोगों की मदद से सभी को बाहर निकालकर सीएचसी ले जाया गया। पप्पू की हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।