हसनगंज कस्बे में बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित हो रहे नर्सिंगहोम का निरीक्षण करते एसडीएम मनीष बंसल।
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स्वास्थ्य सेवाओं का हाल जानने सीएचसी पहुंचे एसडीएम सीएचसी से 100 मीटर की दूरी पर स्थित नर्सिंगहोम जा पहुंचे तो अफरा तफरी मच गई। संचालक नर्सिंगहोम मानकों को पूरा करने वाले कागजात व रजिस्ट्रेशन नहीं दिखा सके। डाक्टरों के बिना चल रहे नर्सिंगहोम में कुछ गलत दवाएं भी जब्त की गई। इससे कुछ दूरी पर एक अन्य नर्सिंगहोम में भी छापा मारा। बिना लाइसेंस चल रहे नर्सिंगहोम में कई खामियां पाए जाने पर एसडीएम ने दोनों नर्सिंगहोम को सील करा दिया।
एसडीएम मनीष बंसल ने बताया कि दोनों ही नर्सिंगहोम संचालक रजिस्ट्रेशन व अन्य अभिलेख नहीं दिखा पाए। इन नर्सिगहोम में कई ऐसे उपकरण और दवाएं भी मिली हैं जो बिना अनुमति नहीं होनी चाहिए थीं। इलिए दोनों नर्सिंगहोम को सील कराया गया ताकि वह हेराफेरी न कर पाएं। एक दिन की नोटिस देकर जवाब और प्रपत्र दिखाने को कहा गया है। अगर वह ऐसा नहीं करते तो एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
वहीं सीएचसी के निरीक्षण के दौरान उन्होंने मरीजों से बात की। शिकायतें मिलीं तो स्टाफ को सुधार के निर्देश दिए। गंदगी पर जिम्मेदारों को फटकार भी लगाई। सीएचसी की इमरजेंसी में डाक्टरों का उपस्थित रजिस्टर तलब किया तो पता चला कि नए साल का रजिस्टर अभी बना ही नहीं है। लापरवाही पर नाराजगी जताई। वार्ड में कुछ मरीजों ने डाक्टरों के व्यवहार के बारे में शिकायत की। प्रसूताओं ने जननी सुरक्षा योजना के लाभ में हीलाहवाली होने की शिकायत की। सीएचसी प्रभारी पवन कुमार को सुधार कराने के निर्देश दिए।