थानाक्षेत्र के गांव में देर शाम दो लाइनमैन बिना शट डाउन के फाल्ट सही कर रहे थे। दोनों करंट की चपेट में आ गए और पोल से गिर गए। हादसे में एक की मौत हो गई। जबकि दूसरा गंभीर रूप से झुलस गया। घायल को पीएचसी पहुंचाया गया। हालत गंभीर देख लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। उधर, मृतक के परिजनों ने साजिशन हत्या का आरोप लगाया है।
मवई गांव निवासी मदार बक्श (42) पुत्र मोहब्बत शुक्रवार रात सीमऊ व गुमिदापुर के बीच में खंभे पर धमियाना गांव निवासी कमलेश (20) पुत्र चंदर के साथ काम कर रहा था। शट डाउन न लेने से विद्युत सप्लाई चालू थी। काम करते समय दोनों करंट की चपेट में आ गए और खंभे से नीचे आ गिरे। इसमें गंभीर रूप से झुलसे मदारबक्श की घटना स्थल पर मौत हो गई। जबकि कमलेश गंभीर रूप से झुलस गया। दोनों को खंभे से गिरता देख आस-पास के लोग मौके पर पहुंचे। सूचना पुलिस को दी।
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। जेई रमेश यादव ने बताया कि दोनों प्राइवेट लाइनमैन हैं और ठेकेदार के अंडर में बिजली सही करने का काम करते हैं। फाल्ट सही करते समय शट डाउन नहीं लिया गया था। मृतक मदारबक्श की पत्नी नजराना के अलावा चार बेटियां व एक बेटा है। वह लाइनमैनी कर परिवार का पालन पोषण करता था। उसके पास खेती भी नहीं है।
औरास के मवई गांव में बिजली की पोल से गिरकर मदारबक्स की हुई मौत से नाराज परिजनों ने पोस्टमार्टम के बाद शव घर न ले जाकर उन्नाव-संडीला मार्ग पर देर शाम परौरी बार्डर के निकट सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। जाम लगने से वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई। परिजनों का आरोप था कि मदारबक्स की मौत बिजली के खंभे से गिरकर नहीं बल्कि संविदा कर्मी पवन कुमार व कमलेश की मिलीभगत से उसे मौत के घाट उतारा गया है।
जाम की सूचना मिलते ही औरास, असीवन थाने के पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया और शव घर भिजवाया। इस दौरान लगभग डेढ़ घंटे तक जाम लगा रहा। एसओ संजय पांडेय ने बताया कि संविदा कर्मी पवन व कमलेश पर हत्या का आरोप लगाया है। जांच की जा रही है। शव घर भिजवा दिया गया है।