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postmartem report reveled brutality with teenaged

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उन्नाव। अनुसूचित जाति की छात्रा की हत्या के पीछे कई राज दफन हैं। उसके सीने के बायीं ओर राज नाम गुदा (टैटू) हुआ है। यह राज कौन है, यह बड़ा सवाल है। बेटी कोई नाम गुदवाए थी, इससे परिजन भी अनजान हैं। परिजनों ने जिन पर आरोप लगाया है, उनसे जमीन का विवाद है। पिता के मुताबिक पड़ोस में तीन घरों की छत आपस में जुड़ी हैं। पड़ोसियों की मुताबिक तीसरे घर से कुछ लोग घटना से पहले छत के जीने से उतरते देखे गए गए।
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उधर, छात्रा की हत्या की सूचना पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का एक प्रतिनिधिमंडल मृतका के गांव पहुंचा। गांव वालों से जानकारी लेने के बाद पूर्व विधायक इंदल रावत के नेतृत्व में जिलाध्यक्ष आरती बाजपेई कार्यकर्ताओं के साथ पोस्टमार्टम हाउस पहुंचीं। परिजनों को हर तरह की कानूनी मदद दिलाने का आश्वासन दिया। इस दौरान कार्यकर्ता हंगामा करने लगे।
कार्यकर्ताओं की मांग थी कि अपराधियों पर फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाया जाए। पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता ही सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। कार्यकर्ताओं में दिनेश शुक्ला, आशीष त्रिपाठी, राजीव रत्न राजवंशी, ओम पांडेय, विश्वास निगम, सुयश बाजपेई, राम किशोर रावत, शिवम अवस्थी, विनोदकृष्ण शर्मा और मणिकांत रावत उपस्थित रहे।
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मृतका बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। वह पढ़ने में अच्छी थी और ऑनलाइन आईएएस की तैयारी कर रही थी। पिता ने बेटी को पढ़ाने के लिए एक लाख का लोन ले रखा है। पिता के मुताबिक बेटी बहुत सीधी और होशियार थी।
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