इस्लामी महीनों में रमजान-उल-मुबारक के महीने को सबसे ज्यादा अफजल और बरकत वाला महीना करार दिया गया है। इस मुकद्दस माह के आखिरी जुमे (शुक्रवार) को जुमे-तुल-विदा या अलविदा कहा गया है। इसमें रमजान शरीफ के माह को विदा किया जाता है। इसलिए मुसलमान इसके जुदा होने पर गम जाहिर करते हैं। हदीस शरीफ से रिवायत है कि नबी करीम सल्लल्लाहो अलैह वसल्लम ने फरमाया कि अगर कोई रमजान के आमद की खुशी और जाने का गम मनाता है तो अल्लाह उसकी मगफिरत फरमा देता है। जिसे यह मुबारक माह मिले तो उसे चाहिए कि वह अल्लाह से अपने गुनाहों की मगफिरत तलब करे और हर बुरे काम से खुद को बचा ले। मौलाना निसार अहमद मिस्बाही ने बताया कि मुकद्दस व बरकत का महीना रमजान हमें गुनाहोें से पाक करता है। दिन रात रहमतों का नुजूल होता है और जब यह सारी रहमतें हमसे जुदा होती हैं तो अफसोस होता है। मालूम हो कि अगले साल हमें यह बरकत वाला महीना नसीब हो या न हो।
अलविदा की नमाज में बच्चों ने भी की शिरकत
शुक्रवार सुबह से ही मुसलमानों ने तैयारियां शुरू कर दी थी। मस्जिदों और आसपास सफाई कराई गई। नमाज के लिए बड़ों के साथ बच्चे भी इस्लामी लिबास कुर्ता-पायजामा और सिर पर टोपी पहनकर मस्जिदों मेें दाखिल हुए। मस्जिदों में उलेमाओं ने तकरीर करते हुए अलविदा की फजीलतें बयान कीं। शहर की कंजी वाली मस्जिद, मदीना मस्जिद, शाही मस्जिद तालिब सराय, जामा मस्जिद, अताउल्लाह वाली मस्जिद, स्टेशन रोड बुद्धनशाह मस्जिद, दादा मियां एक मिनारी मस्जिद, छोटी ईदगाह व अनवार नगर में अलविदा की नमाज हुई।
खुदा से मांगी गुनाहों की माफी
नमाज के बाद लोगों ने इज्तिमाई दुआ करके अपने गुनाहों की माफी खुदा से तलब की और मुल्क में अमन ओ सलामती व कामयाबी की दुआ भी की। रोजेदारों ने अलविदा की नमाज अता करने में हुई दुआ में खुदा से अपने गुनाहों के लिए माफी मांगी। इसके अलावा सभी ने अल्लाह से इबादत की कि वह मुल्क में अमन व शांति बनाए रखे।
चौबंद रही सुरक्षा व्यवस्था
अलविदा की नमाज को शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए क्षेत्र की मस्जिदों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। शहर की विभिन्न मस्जिदों में सैकड़ों की संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने नमाज अता की। इस मौके पर मस्जिदों के आसपास पुलिस प्रशासन द्वारा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई। इस दौरान एसपी नेहा पांडेय, अपर पुलिस अधीक्षक हरदयाल यादव, सीओ सिटी रामअर्ज, सिटी मजिस्ट्रेट शंकर मुखर्जी, एसडीएम सदर विनय कृष्ण श्रीवास्तव समेत अन्य प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
नमाज के दौरान रहा ट्रैफिक डायर्वजन
शहर के मुख्य मार्ग पर पड़ने वाली मस्जिदों में रोजेदारों की अधिक संख्या को देखते हुए रोड के किनारे ही नमाज अता हुई। इसके चलते पुलिस प्रशासन की ओर से नमाज के दौरान जिला अस्पताल वाले चौराहे के पास बैरियर लगाकर बड़े वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया। इससे शहर के दोनो ओर से वाहनों को हाइवे से होकर जाना पड़ा। नमाज अता होने के बाद आवागमन शुरू किया जा सका।