उन्नाव। लखनऊ-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित रायबरेली क्रासिंग पर बने आरओबी के निर्माण में एनएचएआई के अधिकारियों की लापरवाही की पोल खुलने लगी है। आरओबी के शुरू हुए अभी मात्र तीन दिन ही हुए हैं कि यह रोड उखड़ने लगी है। इस मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। इससे राहगीरों को आने वाले समय में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
कई सालों से रायबरेली क्रासिंग पर बन रहे आरओबी के निर्माण में हुए मानक विहीन मैटेरियल का इस्तेमाल अब खुलकर सामने आने लगा है। आरओबी को वाहनों के लिए चालू हुए तीन दिन ही बीते हैं कि गड्ढे होने लगे हैं। इससे पूर्व भी इस ओवर ब्रिज में कई बार दरारें पड़ चुकी हैं।
लेकिन एनएचएआई अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है। हालांकि इस बात का अंदेशा एनएचएआई अधिकारियों ने जताया था, लेकिन ऐसा इतनी जल्दी होने लगेगा इस बारे में कोई सही जवाब नहीं दे पा रहा है।
वर्जन
आरओबी में मिट्टी का भरान किया गया है। इसके बाद इसमें गिट्टी डालकर रोलिंग करवाई गई थी। इसके बाद भी अधिकारियों को हैवी वाहनों के चलने के बाद रोड के धंसने का अंदेशा था इसीलिए इस सड़क पर फाइनल लेयर नहीं चढ़ाई गई थी। कुछ समय तक इंतजार कर इस पर फाइनल लेयर का काम करवाया जाएगा। हालांकि रोड इतनी जल्दी टूटने लगेगी यह उम्मीद नहीं थी। - पी शिवशंकर, परियोजना निदेशक, एनएचएआई।