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आरओबी में शुरू हुई ज्वाइंट को जोड़ने की कवायद

Thu, 23 Jul 2015 11:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
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उन्नाव। एनएचएआई के अधिकारियों ने रायबरेली क्रासिंग पर बने आरओबी के ज्वाइंटों को खुलवाकर दोबारा इन्हें सरिया से जोड़कर स्लैब डलवाने का काम शुरू किया है। इस कारण हाइवे की एक लेन पर आवागमन बंद कर दिया गया है। इससे जहां एक ओर राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है वहीं, दूसरी ओर निर्माणदायी कंपनी को लाखों का चूना लग रहा है।
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लखनऊ-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित रायबरेली क्रासिंग पर बने आरओबी पर ट्रैफिक शुरू करने में मुसीबतें दिनोंदिन बढ़ती जा रही हैं। लगातार किए गए प्रयासों के बाद इस पर ट्रैफिक शुरू किया गया था, लेकिन यह एक माह भी नहीं चल सका और इसकी स्लैब में चार बार दरारें पड़ गईं।

एक माह में चार बार ट्रैफिक को रोककर इसकी मरम्मत करवाई गई। इसकी जांच जब अधिकारियों ने की तो देखा कि इसके ज्वाइंटों को आपस में बिना जोड़े ही स्लैब डाल दी गई थी। अब अधिकारियों ने सभी ज्वाइंटों को स्लैब की सरियों से जोड़कर दोबारा ढालने के आदेश दिए हैं। एनएचएआई के अधिकारियों के आदेश के बाद निर्माणदायी कंपनी गंगोत्री इंटरप्राइजेज के इंजीनियरों को ज्वाइंटों की मरम्मत करने के बाद स्लैब डालने को कहा है। कंपनी के अधिकारियों की माने तो पहले एनएचएआई अधिकारियों ने जैसा कहा था वैसा किया गया।
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अब जब इसमें दिक्कत आ रही है तो अधिकारियों ने ज्वाइंटों को खोलकर दोबारा स्लैब ढालने को कहा है। कंपनी के इंजीनियर ने बताया कि आरओबी चालू करने के बाद अभी तक इसकी मरम्मत में ही लाखों की लागत आ चुकी है। अब ज्वाइंटों को जोड़ने व स्लैब ढालने में भी लाखों का खर्च आएगा।

वर्जन
जब सभी ज्वाइंटों को आपस में जोड़कर इसकी स्लैब ढाल दी जाएगी तो फिर आगे स्लैब दरकने की परेशानी नहीं होगी। अभी तक पड़ी स्लैब पर ओवरलोड वाहनों के निकलने के कारण यह दब जाती थी और स्लैब में दरार पड़ जाती थी। लेकिन अब उम्मीद है कि यह परेशानी दोबारा नहीं होगी।- जीएस सैनी, इंजीनियर, गंगोत्री इंटरप्राइजेज।
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