उन्नाव। अमृत योजना के तहत डाली गई पाइप लाइन एक बार फिर फट गई। पानी के तेज बहाव से सब्जी मंडी के पास तीन जगह सड़क धंस गई। गहरे गड्ढे होने से कई वाहन फंसकर पलटने से बचे। आवागमन बाधित होने से वाहन रेंगते हुए निकले। देर शाम यातायात पुलिस ने गड्ढों के पास बोर्ड लगाकर वाहन को फंसने से बचाया।
जल निगम ने शहर में पाइप लाइन बिछवा रहा है। इस समय जलापूर्ति की टेस्टिंग चल रही है। पानी का दबाव पड़ते ही भूमिगत पाइप लाइनों में रिसाव होने लगता है। इधर, शहर की सब्जी मंडी के पास कई दिनों से पानी का रिसाव हो रहा था। इससे बड़ा गड्ढा हो गया था। रविवार को पानी का दबाव बढ़ा तो पाइप लाइन फट गई और तीन जगह मुख्य सड़क पर गड्ढे हो गए। सूचना पर जलापूर्ति बंद कराई गई लेकिन पानी सब्जी मंडी व सदर बाजार की दुकानों तक पहुंच गया।
इससे दुकानदारों को परेशानी उठानी पड़ी। कई वाहन गहरे गड्ढे में फंसकर पलटने से बचे। गड्ढे में फंसे वाहनों को काफी मशक्कत के बाद निकाला जा सका। कुछ वाहन सवार तो गड्ढे में फंसकर गिर भी गए। सवारी बैठाकर निकल रहा एक ई-रिक्शा भी गड्ढे में फंस गया। रिक्शे में बैठी सवारियां चुटहिल हो गईं। आसपास के दुकानदारों ने किसी तरह ई-रिक्शा निकलवाया। पूरे दिन इस मार्ग पर वाहन रेंगते रहे। यातायात पुलिस ने वाहन निकलवाए। देर शाम गड्ढों के पास यातायात बोर्ड लगाया गया।
इनसेट-
264 करोड़ की योजना छह साल बाद भी अधूरी
नगर पालिका क्षेत्र के लोगों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए वर्ष 2018 में अमृत योजना मंजूर हुई थी। योजना की कुल लागत 264 करोड़ रुपये है। छह साल बाद भी योजना पूरी नहीं हो सकी है और आज तक शहरी लोगों को पानी नहीं मिल सका है। पिछले एक साल से लगातार कहीं न कहीं पाइप लाइन फटने की घटनाएं हो रही हैं। इसके बाद भी जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
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बोले जिम्मेदार
पाइप लाइन फटने की जानकारी नहीं है। अब पता चला है, इसलिए कर्मियों को भेजकर जल्द मरम्मत कराई जाएगी। पाइप लाइन क्यों फट रही हैं इसकी भी जांच कराई जाएगी।
- सुनील कुमार-सहायक अभियंता जल निगम