लगातार पानी बढ़ने के कारण नगर व ग्रामीण क्षेत्र के घनी आबादी वाले इलाकों में पानी घुसना शुरू हो गया है। जलस्तर बढ़ने से गंजमुरादाबाद, बांगरमऊ, सफीपुर, फतेहपुर चौरासी, सिकंदरपुर कर्ण, सिकंदपुर सरोसी और बीघापुर ब्लाक में कटरी की बस्तियों के करीब पहुंच गया है। शुक्लागंज, बांगरमऊ, सफ ीपुर, सदर और बीघापुर तहसील क्षेत्रों में जलस्तर काफी तेजी से बढ़ रहा है।
तीन दिन से गंगा में पानी बढ़ना जारी है। केंद्रीय जल आयोग के एसडीओ अब्दुल वहीद ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्र और नरौरा बांध से पानी छोड़े जाने के कारण पानी बढ़ा है। बुधवार को गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से केवल 50 सेंटीमीटर ही पीछे है। नगर के चंपापुरवा, तेजीपुरवा, कर्बला, हुसैन नगर, गोताखोर मोहल्ला, मनोहर नगर कटरी में पानी घुस गया है। जबकि रविदास नगर कटरी में भी पानी कभी भी घुस सकता है। इलाकाई लोगों ने बताया कि यदि जलस्तर ऐसे ही बढ़ता रहा तो गंगानगर, शक्ति नगर कटरी, अहमदनगर मुख्य रूप से है। एसडीएम सदर विनय प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि मिश्रा कालोनी स्थित मुख्य बाढ़ केंद्र पर दो लेखपालों की ड्यूटी लगा दी गई है। पल-पल रिपोर्ट ली जा रही है। वहीं ग्रामीण इलाके कन्हवापुर, मुरलीपुर, गगनीखेड़ा, फ त्तेखड़ा कटरी क्षेत्र में पानी घुस गया है। किसानों की कई मडै़या डूब गई है। सब्जी की फ सल डूब जाने से किसानों के चेहरे मुरझाए है। बीघापुर तहसील क्षेत्र के बारासगवर और बक्सर इलाके में भी गंगा में आए उफ ान से किनारे के गांवों में बेचैनी बढ़ गई है।
स्टीमर बोट के साथ तैयार है पीएसी
फ्लड पीएसी के सेक्शन इंचार्ज सुखवासी लाल ने बताया कि बाढ़ से निपटने के लिए उनकी टीम पूरी तरह से तैयार है। घाटों पर सुबह-शाम स्टीमर बोट से पैट्रोलिंग की जा रही है। बाढ़ पर पूरी निगाह रखी जा रही है। बताया कि एक सेक्शन में उन्हें दस सिपाही मिले हैं। जो बालूघाट के अलावा आस-पास के अन्य घाटों पर निगाह रख रहे हैं।
गंगा का कुछ यू बढ़ रहा जलस्तर
बुधवार को गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ा सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 112.460 मीटर, 10 बजे 112.470 मीटर, दोपहर 12 बजे 112.480 मीटर, दोपहर दो बजे 112.490 मीटर व शाम पांच बजे 112.500 मीटर रहा।
छह साल पहले पहुंचा था जलस्तर 114.075 मीटर
6 साल पहले वर्ष 2010 में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 113 मीटर को पार करते हुए 114.075 मीटर तक पहुंच गया था। जिससे नगर का शायद ही कोई मोहल्ला बचा हो जहां बाढ़ का पानी न पहुंचा हो।
केंद्रीय जल आयोग की नाव खराब
शुक्लागंज। गंगा चेतावनी बिंदु पार कर खतरे के निशान की ओर है। ऐसे में केंद्रीय जल आयोग और भी एक्टिव रहता है और हर स्थिति से निपटने के लिए वह तैयार रहता है लेकिन गंगाघाट केंद्रीय जल आयोग की हकीकत यह है कि उसके पास एक नाव है वह भी पिछले आठ माह से खराब पड़ी है। विभागीय सूत्रों की मानी जाएं तो नाव न होने के कारण उन्हें गंगा की माप करने के लिए नवीन पुल पर जाना पड़ता है और बीच धारा से माप लेना पड़ता है। यहीं नहीं इस नाव से गंगा का करंट मीटर, गहराई की माप, नदी का तापमान, आसमान का मौसम पता करने के कार्य किए जाते है। लेकिन नाव जर्जर होने के कारण वह आंनद घाट पर सड़ रही है।
फिलहाल बाढ़ जैसी स्थिति नहीं-डीएम
डीम सौम्या अग्रवाल ने सभी तहसीलों के एसडीएम को बाढ़ पर नजर रखने को निर्देश दिए हैं। उपजिलाधिकारी मृत्युंजयराम ने कहा कि अभी बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है। तहसील बीघापुर क्षेत्र में पड़ने वाली गंगा नदी के किनारे स्थित गांव में लालाखेड़ा, मिसिरखेड़ा, दूलीखेड़ा आदि में बाढ़ की सतर्कता की दृष्टि से एसडीएम ने क्षेत्रीय लेखपालों व कानूनगो को निर्देशित किया है। यदि किसी भी व्यक्ति के आवास की भूमि की कटान होती है तो तत्काल आवासीय भूमि आवंटित की जाएगी।