सफ ीपुर(उन्नाव)। नोटबंदी के दौरान बदलने के लिए गए तीन लाख के पुराने नोट के बदले रकम न लौटाने पर कार सवार लोगों ने एक युवक को रास्ते में रोकर पीटा और कार में डालकर भाग गए। शोर मचाने पर ग्रामीणों ने सफीपुर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने घेराबंदी कर कार समेत चारों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। घायल युवक की मां ने चारों युवकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
कानपुर बिठूर के सिंहपुर पछार गांव निवासी विकास कठेरिया पुत्र संतोष कठेरिया की नगर पंचायत ऊगू के मोहल्ला गन्नूखेड़ा में ससुराल है। 5 अगस्त को वह अपने बीमार ससुर छोटे को दवा देने बाइक से ससुराल पहुंचा। बुधवार देर शाम वह अपने घर बिठूर लौट रहा था। सफ ीपुर कोतवाली के जमालनगर के पास वह सब्जी खरीदने लगा। इसी दौरान एक फ ोन उसके पास आया और कुछ देर बाद कार सवार चार लोग उसके पास पहुंचे और उसे मारपीट कर कार में डालकर सफ ीपुर की ओर भाग निकले। लोगों ने इसकी जानकारी सफीपुर कोतवाली पुलिस को दे दी।
सफ ीपुर कोतवाल हरिकेश राय ने पुलिस बल की मदद से कस्बे के बाहर ही कार को रोक लिया। इसके बाद उस पर सवार चार आरोपियों को हिरासत में लेकर अगवा किए गए विकास को उनके चंगुल से मुक्त कराया। घायल विकास की मां शिवदेवी की तहरीर पर पुलिस ने ऊगू निवासी सनी, मंजेश, अरुण व एक अन्य के खिलाफ अपहरण, मारपीट समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। कोतवाल ने बताया कि चारों आरोपी पीड़ित विकास के साले प्रमोद के दोस्त हैं। आरोपियों ने पूछताछ में बताया है कि प्रमोद के माध्यम से उन्होंने नोटबंदी के दौरान तीन लाख के पुराने नोट विकास को बदलने के लिए दिए थे। कुछ माह बाद जब विकास से रुपये मांगे तो वह बहानेबाजी कर उन्हें टकराता रहा। उसके रुपये न लौटाने पर रुपयों की वसूली के लिए यह कदम उठाना पड़ा। कोतवाल ने बताया कि पीड़ित ने बताया कि रुपयों के लेनदेन का विवाद सामने आ रहा है। पीड़ित ने अभी वजह साफ नहीं की है।