लखनऊ-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर रायबरेली क्रासिंग पर बने आरओबी का निर्माण मानकों को दरकिनार कर करवाया गया है इसकी पोल इस बात ने खोल दी है कि इसकी स्लेप के कई ज्वाइंट में मात्र डेढ़ साल में करीब दर्जन भर दरारें पड़ चुकी हैं। इन दरारों की जानकारी होने पर विभागीय अधिकारी काम चलाऊ मरम्मत करवाकर अपना कोरम पूरा कर लेते हैं। हाईवे पर ओवरलोड वाहनों की भरभार के चलते भी आरओबी दम तोड़ देता है।
ओवरलोड वाहनों से सबसे ज्यादा दिक्कत
अधिकारियों का कहना है कि आरओबी में सबसे अधिक दरारें कानपुर से लखनऊ को जाने वाले रूट पर ही आती हैं और इस रूट से ही मौरंग और गिट्टी लदे ओवरलोड ट्रक निकलते हैं। वाहनों में क्षमता से अधिक लोड लादकर चलने से ही आरओबी का यह हाल हो रहा है। मौजूदा समय में आरओबी की स्लेप में दरार पड़ने से करीब एक माह तक इस पर सफर कठिन रहेगा। निर्माणदायी संस्था पीएनसी के अधिकारियों की मानें तो जिस स्लेप के ज्वाइंट में दरार पड़ी है, उसे पूरे रूट में करीब दो मीटर तक तोड़ा जाएगा। फिर साइड वाल को भी तोड़कर पूरी स्लेप नए सिरे से ढाली जाएगी। बताया कि दो दिनों से स्लेप को तोड़ने का काम किया जा रहा है अभी मात्र तीस फीसदी स्लेप ही टूट पाई है। बताया कि स्लेप को तोड़ने में करीब एक सप्ताह का समय लगेगा। इसके बाद शटरिंग लगाकर स्लेप की ढलाई होगी और फिर इसके मजबूत होेने के बाद ही इस पर वाहनों का आवागमन शुरू किया जाएगा। बताया कि इसमें करीब एक माह तक का समय लग सकता है।