चकलवंशी। माखी गांव के हमीरदेव मोहल्ला में एक रिश्तेदार पर वसीयत में मिले घर को हड़पने के लिए संपत्ति को दान में दिखाने (हिबानामा) का आरोप लगाया है। पीड़ित पौत्र विभू दीक्षित की तहरीर पर पुलिस ने दंपती सहित चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
विभू दीक्षित ने पुलिस को बताया कि उनके बाबा देवकृष्ण दीक्षित ने यह घर बनवाया था। बाबा ने 25 नवंबर 2022 को घर की वसीयत विभू और उनके भाई शुभ व प्रियांशु के नाम की थी। विभू और उनके भाइयों का इस घर पर लंबे समय से कब्जा है। आरोप है कि रिश्तेदार अखिलेश पांडेय ने अधिकार न होने पर भी कूटरचित दस्तावेज बनाए। उन्होंने 18 सितंबर 2025 को हसनगंज तहसील के रजिस्ट्री कार्यालय में अपनी पत्नी अनीता के नाम घर का हिबानामा करा लिया। इसमें अरविंद सिंह और घनश्याम तिवारी गवाह बने थे।
विभू दीक्षित को छह अक्तूबर 2026 को इस धोखाधड़ी की जानकारी हुई। इसके बाद उन्होंने माखी थाने में तहरीर दी। थानाध्यक्ष योगेश कुमार सिंह ने बताया कि अखिलेश पांडेय, उनकी पत्नी अनीता और दोनों गवाहों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपों की जांच जारी है।