आदर्श विद्या मंदिर में दशहरा की पूर्व संध्या पर बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक रावण वध लीला का मंचन किया गया। बच्चों ने रावण के पुतले बनाकर उनका दहन किया। इसके अलावा रामदरबार, सीता स्वयंवर, वाल्मीकि आश्रम आदि भव्य झांकियां सजा कर मर्यादा पुरुषोत्तम राम के आदर्शों को प्रस्तुत किया।
यहां रावण के वेश में शिखर तिवारी, राम के रूप में प्रखर, दशरथ की भूमिका में पार्थ, सीता की भमिका मेेेे कामाख्या और लक्ष्मण के पात्र के रूप में विश्वास ने विभिन्न रामलीला प्रसंगों का मंचन किया। रामलीला के अंतिम दौर में जैसे ही रावण दहन शुरू हुआ, वैसे ही परिसर जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
कार्यक्रम में विद्यालय की टीचर वैशाली, प्रतीक्षा व अमिता तिवारी ने भगवान राम से संबंधित प्रेरक कहानियां बच्चों को सुना कर भगवान राम के आदर्शों का अनुकरण करने के लिए बच्चों को प्रेरित किया। प्रधानाचार्य अंजना भदौरिया ने श्रीराम के आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए बच्चों को सच्चाई औ ईमानदारी से कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
संस्था के आदर्श शिशु मंदिर एबीनगर, सरस्वती विद्या मंदिर कॉलेज रोड, जनक दुलारे विद्या मंदिर ओसियां, ऋषिकुल विद्या पीठ पुरवा आदि में रावण के वध के बाद पुतला दहन किया गया।