उन्नाव। जनपद के औषधि निरीक्षक द्वारा अभिलेखीय कमियां बताकर निरस्त किए गए दवा बिक्री के दो आवेदन रायबरेली के डीआई की जांच में सही निकले। इसके बाद ड्रग लाइसेंसिंग अथारिटी लखनऊ ने दोनों के लाइसेंस जारी कर दिए। अब जांच के दायरे में औषधि निरीक्षक आ गए हैं।
शुक्लागंज गायत्री नगर के प्रबल अवस्थी, ऋषि नगर की ज्योति तिवारी ने मुख्यमंत्री पोर्टल व डीएम को शिकायती पत्र दिया था। इसमें ज्योति ने आरोप लगाया था कि उन्होंने होलसेल ड्रग लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। औषधि निरीक्षक अशोक कुमार ने मौके पर जाकर जांच की थी। इसके बाद उन्होंने पैसों की मांग की। प्रबल अवस्थी ने आरोप लगाया था कि उसने नव मधू फार्मेसी के नाम से एक रिटेल और होलसेल ड्रग लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। उससे रिटेल के लिए 30 हजार और होलसेल के लिए एक लाख रुपये की मांग औषधि निरीक्षक ने की।
शिकायती पत्र में दोनों ने आरोप लगाया था कि पैसों की मांग पूरी न करने के कारण गलत रिपोर्ट लगाकर लाइसेंस के आवेदन निरस्त कर दिए। शिकायती पत्र के आधार पर डीएम गौरांग राठी ने उपायुक्त औषधि प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने के लिए कहा। इसके बाद औषधि निरीक्षक रायबरेली से जांच कराई गई। उन्होंने आवेदन की शर्तें व मानक पूरे होने की रिपोर्ट दी, जिस पर दोनों आवेदकों के लाइसेंस जारी कर दिए गए। अब उन्नाव औषधि निरीक्षक जांच के दायरे में आ गए हैं। स्थानीय औषधि निरीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि दोनों आवेदकों को लाइसेंस जारी हो गए हैं। जांच किसने की, इसकी जानकारी नहीं है।