पीडब्ल्यूडी से बनाया जा रहा शारदा नहर पुल और बंद की गई नहर।
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उन्नाव। उन्नाव-शुक्लागंज मार्ग को फोर लेन बनाने की आपाधापी में पीडब्ल्यूडी ने जिले के पांच लाख किसानों के खेतों का पानी रोक दिया है। इससे सूखे के चलते गेहूं की फसल बर्बाद होने से परेशान किसान खरीफ की भी तैयारी नहीं कर पा रहे हैं।
नहर विभाग का आरोप है कि पीडब्ल्यूडी ने बिना एनओसी लिए पुराना पुल तोड़ दिया। इसके बाद मुख्य नहर ब्लॉक करके निर्माण शुरू कर दिया। पीडब्ल्यूडी के अधिकारी मामले पर बवाल बढ़ते देख लीपापोती में जुट गए हैं। एक्सईएन वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने की बात कह रहे हैं।
जिले के 1.53 लाख हेक्टेयर कृषि क्षेत्रफल की सिंचाई नहर के पानी पर निर्भर है। इस बार पीडब्ल्यूडी की मनमानी ने जिले के 5 लाख किसानों के सामने मुसीबत खड़ी कर दी है।
मानसून की बेरुखी ने रबी की फसल बर्बाद कर दी और अब पीडब्ल्यूडी ने खरीफ सीजन के लिए धान व अन्य फसलों की पौध व खेत तैयार करने पर पानी फेर दिया है।
मालूम हो कि उन्नाव से शुक्लागंज के बीच 11 किलोमीटर मार्ग को फोरलेन किया जा रहा है। पीडब्ल्यूडी ने इस मार्ग पर पड़ने वाले सभी नालों की चौड़ाई बढ़ाई है।
शहर से निकली उन्नाव-रायबरेली मुख्य नहर के पुल की चौड़ाई बढ़ाने के लिए पीडब्ल्यूडी ने एक महीने पहले पुराने पुल को तोड़ दिया। जाम की समस्या और वाहनों के आवागमन के लिए पीडब्ल्यूडी ने निर्माणाधीन पुल के दोनों ओर नहर को ब्लॉक करके अस्थाई सड़क बना दी।
मुख्य नहर ब्लॉक होने से शारद नहर विभाग जिले की नहरों में पानी नहीं छोड़ पा रहा। शारदा नहर विभाग के एक्सईएन संदीप कुमार झा ने मंगलवार को स्थलीय निरीक्षण करने के बाद पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन ने तीन दिन के भीतर वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए कहा है।
इससे नहरों में पानी छोड़ा जा सके। उन्होंने बताया कि पीडब्ल्यूडी ने पुल बनाने और नहर को ब्लॉक करने के लिए नहर विभाग से अनापत्ति पत्र भी नहीं लिया है।