उन्नाव। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कोरोना से बचाव को जनता कर्फ्यू के आह्वान को आम लोगों का पूर्ण समर्थन मिला। व्यापारियों ने जहां खुद ही अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। वहीं, लोगों ने भी खुद को घरों में कैद रखा। इसके चलते शहर से गांव तक 23 घंटे तक पूरी तरह से सन्नाटा नजर आया। शहर की मुख्य सड़कों से लेकर गलियों तक, कानपुर-लखनऊ व लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे पर वाहनों का रेला नहीं दिखा।
कोरोना वायरस को बढ़ते प्रभाव को कम करने के लिए तीन दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक जनता द्वारा जनता कर्फ्यू लगाने का आह्वान किया था। इसमें अपील की थी कि लोग 14 घंटे तक अपने घरों में रहें। जानकारी दी थी कि इसके जरिए कोरोना वायरस के प्रभाव को कम किया जा सकेगा। प्रधानमंत्री के इस आह्वान को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन ने शनिवार को पूरी ताकत झोंक दी थी। रविवार सुबह 7 बजते ही जनता कर्फ्यू का असर दिखना शुरू हो गया था। लोगों ने खुद ही कर्फ्यू का समर्थन किया और घरों में रहे। वहीं, व्यापारियों ने भी अपनी दुकानें बंद रखीं। चालकों ने वाहन नहीं निकाले। जिससे शहर व ग्रामीण इलाकों में ई-रिक्शा, टेंपो के साथ निजी बसें भी नहीं चलीं। कर्फ्यू का आलम यह रहा कि चाय, पान व किराना दुकानदारों तक ने अपनी दुकानें बंद रखीं। शहर के बड़ा चौराहा, छोटा चौराहा, धवनरोड, स्टेशनरोड, पीडीनगर, अस्पताल रोड, शुक्लागंज, पूर्णादेवी व गदनखेड़ा बाईपास आदि क्षेत्रों में पूरी तरह से सन्नाटा पसरा रहा। लोग घरोें में ही मौजूद रहकर कर्फ्यू की जानकारी करते रहे।
जनता कर्फ्यू को समर्थन मिलने का आलम यह रहा कि रात-दिन छोटे और बड़े वाहनों की भीड़ से गुलजार रहने वाले एक्सप्रेस वे और हाईवे भी सन्नाटे में रहे। यातायात के अतिव्यस्त कानपुर-लखनऊ, रायबरेली-उन्नाव राजमार्ग के अलावा लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे पर भी घंटों में इक्का-दुक्का वाहन ही गुजरते नजर आए। कर्फ्यू के चलते हाईवे, एक्सप्रेस वे के अलावा शहर के मुख्य मार्ग, गलियां और ग्रामीण इलाकों के रास्तों पर भी वाहन नहीं दिखे।
तीन दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक कर्फ्यू का आह्वान किया था। जिला प्रशासन ने 14 घंटे कर्फ्यू को सफल बनाने की कवायद शुरू की थी। हालांकि रविवार दोपहर शासन से नया आदेश आया और कर्फ्यू को बढ़ाकर सोमवार सुबह 6 बजे तक कर दिया गया। जिसके बाद जिलाधिकारी ने ऑफिशियल व्हाट्सएप ग्रुप पर इसकी जानकारी देकर 23 घंटे के कर्फ्यू को सहयोग और सफल बनाने की अपील की। जनता भी इसके समर्थन में उतरी और सोमवार सुबह 6 बजे तक बंदी को सफल बनाने में जुटी रही।
जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने बताया कि कोरोना वायरस के प्रभाव को कम करने के लिए प्रधानमंत्री का जनता कर्फ्यू का आह्वान पूरी तरह से सफल रहा। अच्छी बात यह रही कि आम लोगों ने खुद ही इसका समर्थन किया और 23 घंटे घरों में ही बिताए। भविष्य में इसका सकारात्मक प्रभाव नजर आएगा।