उन्नाव। बारिश ने आलू किसानों की समस्या बढ़ा दी है। आलू गीला होने के कारण शीतगृहों में लिया नहीं जा रहा है। शीतगृह संचालकों के इस रुख के बाद किसान औने पौने दामों में आलू बेचने को मजबूर हो रहा है।
रवी की फसल बारिश, ओलावृष्टि व तेज हवाओं की भेंट चढ़ गई। गीले आलू को लेने से साफ मना कर दिया गया है। वहीं, दूसरी ओर जो आलू खेतों में बचा है वह भी खराब होने के कगार में पहुंच चुका है। खेतों में पानी भर जाने से यह सड़ना शुरू हो गया है।
वहीं, कृषि विशेषज्ञों की माने तो जनपद में आलू के क्षेत्र गंजमुरादाबाद, सिकंदरपुर सरोसी, सिकं दरपुर करन में बारिश का असर कम होगा क्योंकि यहां की मिट्टी बलुई है। नवाबगंज, बिछिया, असोहा, हिलौली, पुरवा, बीघापुर, सुमेरपुर, फतेहपुर चौरासी, औरास और असोहा क्षेत्रोें में आलू की फसल बारिश से प्रभावित होगी।
उद्यान विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में लगभग दस हजार हेक्टेयर में आलू की बुआई हुई थी। इस वर्ष लोग आलू की अच्छी पैदावार की संभावना व्यक्त कर रहे थे। बेमौसम में बारिश से किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। जिले में दस हजार हेक्टेयर में बोई गई आलू का उत्पादन 2 लाख 9 हजार मीट्रिक टन रखा गया। अभी तक लक्ष्य के सापेक्ष लगभग 60 फीसदी आलू की खुदाई हुई है। शेष खेतों में ही पड़ी है।