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पूर्व विधायक के परिवार में 25 साल से प्रधानी पर विकास नहीं

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हसनगंज। पूर्व विधायक राधेलाल के पैतृक गांव के ज्यादातर मजरों में विकास कार्य नहीं हुए। चार मजरों में चलने लायक सड़क तक नहीं है। दो बार के पूर्व विधायक के चचेरे भाई 25 साल से गांव के प्रधान हैं। फिर भी गांव में समस्याएं हैं। ग्रामीणों को शुद्ध पानी तक नहीं मिल रहा है।
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हसनगंज ब्लाक मुख्यालय से महज चार किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत दयालपुर में चार मजरे शिवसहायखेड़ा, नटपुरवा, जलालुखेड़ा व मौलवीखेड़ा हैं। दो बार मोहान विधानसभा क्षेत्र के विधायक रहे राधेलाल का आवास दयालपुर में है। 2007 में राधेलाल बसपा से विधायक चुने गए थे। 2017 तक वह विधायक रहे। बसपा सरकार में दयालपुर अंबेडकर गांव घोषित हुआ था। विकास कार्य ग्राम पंचायत के मुख्य मजरे से आगे नहीं बढ़ पाए। पूर्व विधायक के आवास जाने वाले मार्ग का डामरीकरण हुआ है लेकिन मजरों के रास्तों पर अभी भी खड़ंजा ही है। कई जगह खड़ंजा क्षतिग्रस्त भी है। गांव के कुछ लोग चुनावी चर्चा करते दिखे। राजेश, महेंद्र, रामस्वरूप व महेश ने बताया कि एक ही परिवार में 25 साल से प्रधानी और परिवार में ही चचेरे भाई की पत्नी निवर्तमान ब्लाक प्रमुख हैं, लेकिन मजरों में जाने के लिए पक्की रोड तक नहीं बन पाई। नालियां क्षतिग्रस्त हैं और जल निकासी की समस्या है। ज्यादातर हैंडपंप खराब हैं। (संवाद)
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