उन्नाव। भारतीय जनता पार्टी का जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव पर पूरा फोकस है। शुक्रवार को प्रांतीय पदाधिकारियों ने जिले के सांसद और विधायकों के साथ बैठक की। कहा गया कि आपसी मतभेद भुलाकर अध्यक्ष के चुनाव पर ध्यान दें। पार्टी प्रत्याशी को जिताने में पूरी ताकत लगाएं। निर्दलीय जीते जिला पंचायत सदस्यों को पार्टी की सदस्यता दिलाएं।
जिला पंचायत चुनाव में शिकस्त के बाद भी भाजपा अध्यक्ष की कुर्सी पर अपना कब्जा बरकरार रखने की हर मुमकिन कोशिश में जुट गई है। शुक्रवार को पार्टी के प्रांतीय संगठन के पदाधिकारियों ने जिले के सभी विधायकों और सांसद को बुलाकर लखनऊ में बैठक की। बैठक में जिला पंचायत के भावी प्रत्याशियों पर चर्चा के साथ ही सभी से अपसी समन्वय बनाकर काम करने को कहा गया। जिला पंचायत सदस्य पद के चुनाव में भाजपा ने सभी 51 सीटों पर प्रत्याशी उतारे थे लेकिन महज आठ ही जीत सकी थी। भाजपा को अध्यक्ष बनाने के लिए 18 और सदस्यों का समर्थन चाहिए। सपा समर्थित 19 सदस्य जीतकर आए हैं। उसे सिर्फ सात और सदस्यों के समर्थन की जरूर होगी। इसी पेंच को देखते हुए भाजपा ने निर्दलीय जीते 21 जिला पंचायत सदस्यों पर नजर टिका दी हैं। विधायकों से कहा गया है कि वह अपने विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव जीते सदस्यों से संपर्क कर पार्टी की सदस्यता दिलाएं।
भाजपा की ओर से जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने के लिए दावेदारों की लंबी लाइन है। हालांकि मौजूदा समय में सिर्फ दो नामों पर गंभीरता से विचार चल रहा है। इनमें एक पुरुष और एक महिला जिला पंचायत सदस्य टिकट के सबसे प्रबल दावेदार हैं। भाजपा के लोग भी इन्हीं दोनों में से प्रत्याशी तय करने पर सहमत हैं।