उन्नाव। पंचायत चुनाव में काफी संख्या में युवाआें के हाथ में गांव की सरकार की बागडोर आ गई है। पहली बार गांव के प्रधान बने इन युवाओं का दावा है कि ग्राम पंचायत में विकास की गंगा बहाएंगे।
गंजमुरादाबाद विकासखंड की ग्राम पंचायत बहलोलपुर में बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा आकिला खान ने पहली बार प्रधानी चुनाव में कदम रखा। पहले ही चुनाव में 21 वर्षीय आकिला ने अपने प्रतिद्वंदी पुत्तन को 144 मतों से शिकस्त देकर जीत हासिल की है। अविवाहित आकिला खान गांव का चौमुखी विकास करना चाहती हैं। इससे पूर्व आकिला की मां मैमूना अजहर वर्ष 2010 से 2015 तक गांव की प्रधान रही थीं। दो वर्ष पूर्व उनकी मृत्यु हो जाने के बाद पिता महफूज रजा ने अपनी पुत्री आकिला खान को चुनाव मैदान में उतारा था। फतेहपुर चौरासी की ग्राम पंचायत खानपुर कुरौली निवासी 24 वर्षीय जिज्ञासु पांडेय ने 85 वोटों से प्रधान चुनाव जीत लिया। जिज्ञासु के परदादा स्व. छोटेलाल 17 साल, पिता गोविंद पांडेय 15 साल एवं मां स्व. मीरा पांडेय ने पांच साल ग्राम पंचायत का प्रतिनिधित्व किया था। मां मीरा की 5 अप्रैल को हृदयाघात के कारण मौत हो गई थी। अब स्नातक व आईटीआई पास बेटी ने मां की जिम्मेदारी संभालने के लिए राजनीति के क्षेत्र में कदम रखा है। जिज्ञासु का कहना है कि ग्राम पंचायत के सर्वांगीण विकास के साथ महिलाओं को शिक्षित व स्वावलंबी बनाना प्राथमिकता होगी। बीघापुर विकासखंड के दादामऊ में 27 वर्षीय युवा कुलदीप सिंह लकी ने जीत दर्ज की है। वह ब्लाक के सबसे कम उम्र के प्रधान बने हैं। कुलदीप को 324 वोट मिले और उन्होंने प्रतिद्विंदी सुभाष पांडेय को 103 वोटों से हराया। कुलदीप का कहना है कि उनका लक्ष्य गांव का विकास कराना है।