उन्नाव। भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार देर शाम जैसे ही जिला पंचायत सदस्य पद के लिए प्रत्याशियों की लिस्ट जारी की, भाजपा और विपक्षी दलों में हलचल शुरू हो गई। भाजपा ने सजायाफ्ता पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर की पत्नी को फतेहपुर चौरासी तृतीय से चुनाव में उतारा था।
विपक्षी दलों के हमले और पार्टी के भीतर मचे घमासान के बाद चौथे ही दिन पार्टी को फैसला बदलना पड़ गया।
सुर्खियों में रहे दुष्कर्म कांड में पार्टी की किरकिरी होने के बाद भाजपा ने पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर को पार्टी से निकाला था। किशोरी से दुष्कर्म के दोषी कुलदीप सेंगर दिल्ली की तिहाड़ जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा है। भाजपा संगठन के लोगों में सेंगर परिवार के प्रति लगाव ने एकबार फिर किरकिरी करा दी।
हालांकि पार्टी में अंदरखाने विरोध और विरोधियों के तीखे हमलों के बाद रविवार को पार्टी ने अपना फैसला बदला और प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने संगीता सेंगर का टिकट रद करने की जानकारी दी। इससे भाजपा से जिला पंचायत सदस्य पद का चुनाव लड़ रहे कई दिग्गजों के चेहरे खिल गए हैं। अब तक माना जा रहा था कि निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष होने के नाते, भाजपा जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में संगीता को ही पार्टी का प्रत्याशी बनाएगी।
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काफी रोमांचक रहा था पिछला चुनाव
जिला पंचायत के पिछले चुनाव में जिला पंचायत सदस्यों की संख्या 53 थी। सभी सदस्यों ने मतदान में भाग लिया था। तब निर्दलीय प्रत्याशी रहीं संगीता सेंगर और सपा प्रत्याशी ज्योति रावत के बीच मुकाबला हुआ था। संगीता सेंगर के पक्ष में 27 मत पड़े थे। हालांकि मतों की गिनती के दौरान एक मतपत्र में बिंदी लगी पाए जाने पर उस एक मत को अवैध घोषित कर दिया गया था। इससे दोनों प्रत्याशियों के हिस्से 26-26 मत आए। इसपर प्रशासन को लॉटरी प्रक्रिया अपनानी पड़ी थी।
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संगीता के निर्दलीय लड़ने की भी चर्चा
संगीता सेंगर निर्दलीय चुनाव लड़ने को लेकर अभी भले ही कुछ न बोल रहीं हों लेकिन, अंदर खाने चर्चा है कि वह निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला ले सकती हैं। सूत्रों के अनुसार वह सोमवार को पार्टी के जिला और प्रदेश संगठन के लोगों से मिलकर अपना दोष और टिकट काटने की वजह पूछेंगी। इसके बाद वह निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में भी चुनाव मैदान में उतर सकती हैं। फिलहाल वह पार्टी की ओर से टिकट काटे जाने की अधिकृत जानकारी न मिलने की बात कह रही हैं।