पाटन(उन्नाव)। बिहार थाना क्षेत्र में जलाकर मारी गई दुष्कर्म पीड़िता का परिवार दहशत में है। मीडिया के समक्ष अपनी बात रखते हुए मृतका के पिता ने गांव में खुद की जान का खतरा बताया। साथ ही उसने पुलिस पर पूरे परिवार को नजरबंद किए जाने का भी आरोप लगाया। उसने केंद्रीय सुरक्षा बल लगाए जाने की मांग की है।
मृतका के पिता का आरोप है कि 5 दिसंबर को उसकी बेटी को जलाए जाने और दो दिन बाद मौत होने पर प्रशासन ने उसे हर तरह का आश्वासन दिया पर अब तक कोई भी मांग पूरी नहीं की। बताया कि वह घटना के बाद से मुख्यमंत्री से मिलने की मांग कर रहे हैं। लेकिन अब तक उन्हें मुख्यमंत्री से नहीं मिलाया गया। घटना के बाद कमिश्नर, आईजी व डीएम ने लिखित रूप से उन्हें दो आवास मनचाही जगह पर देने, दो शस्त्र लाइसेंस व पीड़िता की बहन को सी ग्रेड की नौकरी देने का आश्वासन दिया था, पर आज तक कोई भी लाभ उन्हें नहीं मिल सका है। बताया कि 1 फरवरी को उसने लखनऊ जाकर कमिश्नर से मुलाकात की थी और उन्हें आपबीती सुनाई थी।
कमिश्नर ने डीएम और एसपी से फोन पर मदद करने को कहा था। पीड़िता के पिता ने गांव में परिवार की जान माल का खतरा बताया है। उसने लखनऊ में आवास दिए जाने की मांग की है। बताया कि 30 जनवरी को परिवार के लोग न्यायालय जाना चाह रहे थे। एसओ बिहार ने उन्हें थाना में बैठाए रखा। मृतका की बहन थाना पहुंची तो एसओ ने उसका फोन छीन लिया। उसने पुलिस पर नजरबंद किए जाने का आरोप लगा केंद्रीय सुरक्षा बल की लगाए जाने की मांग की है।
एसपी विक्रांत वीर ने बताया कि 30 जनवरी को मृतका की बहन ने गले में फंदा कसने की कोशिश की थी। सुरक्षा कर्मियों ने उसे बचाया था। इसपर उसे व परिवार को धारा 107/116 के तहत पाबंद किया गया है। एसपी ने बताया कि किसी को नजरबंद नहीं किया गया है। उनकी सुरक्षा में घर पर पुलिस घटना के बाद से ही तैनात है। बताया कि परिवार को कहीं भी जाने से नहीं रोका गया है। लेकिन उन्हें पुलिस को बताने और साथ ले जाना आवश्यक है।