औरास। नर्सिंगहोम में हालत बिगड़ने के बाद लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर हुई महिला की बुधवार रात को इलाज के दौरान मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर मायके पहुंचे। हंगामे की संभावना से सीओ और दो थानों का फोर्स पहले ही गांव पहुंच गया।
मृतका के पिता की शिकायत पर सीएचसी अधीक्षक ने नर्सिंगहोम को सील कर दिया था। पुलिस ने भी लक्ष्य हॉस्पिटल के संचालक पर रिपोर्ट दर्ज की थी।
औरास थानाक्षेत्र के निरखी खेड़ा निवासी बाबूलाल की बेटी दीपा पत्नी सोहनलाल रक्षाबंधन पर मायके आई थी। 26 अगस्त को दीपा के सिर में दर्द होने पर मायके पक्ष के लोग उसे लक्ष्य हॉस्पिटल लेकर गए थे। दीपा आठ महीने की गर्भवती थी। आरोप था कि लक्ष्य हॉस्पिटल में डॉक्टर के गलत इलाज से एक घंटे में दीपा की तबीयत बिगड़ गई थी। इस पर डॉक्टर ने इलाज के रुपये लेकर जवाब दे दिया था। हालत नाजुक देख परिजनों ने उसे लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती कराया था।
वहां ऑपरेशन से महिला ने मृत बच्चे को जन्म दिया था। इससे प्रसूता की हालत और बिगड़ गई थी। हालत में सुधार न देख डॉक्टरों ने उसे लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया था। बुधवार रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। महिला की मौत की सूचना पर बवाल न हो इसलिए गुरुवार सुबह से ही बांगरमऊ सीओ अरविंद चौरसिया औरास और बेहटामुजावर थाना पुलिस के साथ मृतका के मायके निरखीखेड़ा पहुंच गए।
रात करीब 7:30 बजे शव आने के बाद सीओ ने परिजनों को हर संभव कार्रवाई का आश्वासन देकर हंगामा न करने की बात कही। परिजन मान गए और शव मृतका की ससुराल रामपुर खंजड़ी लेकर चले गए। थानाध्यक्ष अश्वनी मिश्र ने बताया कि परिजन शव लेकर आए थे, लेकिन समझाने पर मान गए। शव मायके से ससुराल लेकर चले गए।