उन्नाव। पुलिस भर्ती परीक्षा पहले दिन कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न हुई। शुक्रवार को दोनों पालियों में 4414 परीक्षार्थी शामिल हुए, जबकि 1634 ने अनुपस्थित रहे। तीन स्तर पर चेकिंग के बाद परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया। जीआईसी परीक्षा केंद्र के बाहर तलाशी के दौरान एक परीक्षार्थी के पास पर्ची मिली तो सीओ की मौजूदगी में उसकी 30 मिनट तक तलाशी ली गई। एक-एक बटन, जींस की सिलन और जूते के सोल तक को जांचा गया। हालांकि और कुछ नहीं मिला।
शहर में बनाए गए नौ परीक्षा केंद्रों में दो पालियों में परीक्षा हुई। पहली पाली की परीक्षा में कक्ष निरीक्षक सुबह सात बजे और परीक्षार्थियों का आधे घंटे पहले 9:30 बजे प्रवेश शुरू कराया गया। सुबह 10 से 12 बजे तक परीक्षा हुई। सभी केंद्रों पर पहली पाली में 3024 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें से 2194 ने परीक्षा दी। 830 अनुपस्थित रहे। दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर तीन से शाम पांच बजे तक हुई। पंजीकृत 3024 परीक्षार्थियों में 2220 परीक्षार्थी उपस्थित हुए। 804 ने परीक्षा छोड़ दी।
पहले दिन की परीक्षा में उपस्थित रहने वालों का प्रतिशत 72.98 और अनुपस्थित रहने वालों का 37.02 फीसदी रहा। किसी भी छात्र को लघुशंका तक के लिए नहीं जाने दिया गया। पुलिस लाइन में बने कंट्रोल रूम से पुलिस अधिकारी लगातार निगरानी करते रहे। शाम की पाली में जीआईसी परीक्षा केंद्र के बाहर तलाशी के दौरान कानपुर के शिवराजपुर निवासी एक परीक्षार्थी के पास सिपाही को पर्ची मिलीं। संदेह होने पर वहां मौजूद सीओ माया राय ने सघन तलाशी कराई। इसी दौरान एक परीक्षार्थी के पैर में मेटल डिटेक्टर बीप करने पर डिवाइस छिपी होने की आशंका पर पुलिस ने गहन जांच की। युवक ने बताया कि उसके पैर में फ्रैक्चर हो गया था, इसलिए रॉड पड़ी है।
डीएम गौरांग राठी और एसपी सिद्धार्थ शंकर मीना ने श्याम कुमारी सेठ बालिका इंटर कॉलेज और जीआईसी का निरीक्षण कर परीक्षा की हकीकत परखी। साथ ही परीक्षा केंद्र के अंदर बने कंट्रोल रूम का संचालन भी देखा। उन्हें सब सही मिला। परीक्षा के नोडल बनाए गए एडीएम वित्त एवं राजस्व नरेंद्र सिंह ने बताया कि परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई है। कहीं कोई नकलची नहीं पकड़ा गया है।
आठ जिलों से आए परीक्षार्थी, बस और ट्रेनों में खचाखच भीड़
उन्नाव। पुलिस भर्ती परीक्षा में औरैया, रायबरेली, सीतापुर, प्रयागराज, कानपुर देहात, इटावा, लखीमपुर खीरी और फर्रुखाबाद जिलों से छात्र शामिल होने आए थे। उन्हें आवागमन में दिक्कत न हो इसलिए रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा दी गई। रेलवे स्टेशन पर भगदड़ या अफरातफरी न होने पाए इसके लिए जीआरपी और आरपीएफ मुस्तैद रही। एसपी ने रेलवे स्टेशन के लिए अतिरिक्त पुलिस बल उपलब्ध कराया। भीड़ अधिक होने से यह नहीं देखा गया कि कोच कौन सा है। सबसे अधिक भीड़ वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी पैसेंजर में रही।
लखनऊ बाईपास और गदनखेड़ा बाईपास चौराहा पर परीक्षार्थियों की भीड़ रही। उन्हें काफी देर तक बसों का इंतजार करना पड़ा। शाम को परीक्षा खत्म होने के दौरान बारिश शुरू होने से बस स्टेशन और रेलवे स्टेशन पहुंचने की जल्दी में मुख्य मार्ग पर कुछ देर तक जाम की स्थिति रही। बाईपास पर भीड़ अधिक होने और बसें रुकने से शाम को करीब पौन घंटे तक यातायात रेंगता रहा। बसों में भीड़ अधिक होने परीक्षार्थियों को खड़े होकर भी सफर करना पड़ा।
परीक्षा से पहले अग्नि परीक्षा
परीक्षा केंद्र पहुंचने में देर न हो जाए इसलिए सैकड़ों परीक्षार्थी रात में ही पहुंच गए। यहां उनके ठहरने के लिए कोई स्थान न होने से तमाम युवकों ने रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर ही रात बिताई। राहुल, सुनीत, शिवमंगल, राजीव सिंह आदि ने बताया कि कुछ जिलों में प्रशासन ने परीक्षार्थियों के लिए गेस्ट हाउस या रैन बसेरे खोलवाए हैं, लेकिन यहां ऐसी व्यवस्था न होने से रात भर स्टेशन पर रहना पड़ा।